कुख्यात बदमाश आनंदपाल था फेसबुक प्रेमी, फेसबुक पर लिखता था मन की बात  

Ashutosh OjhaAshutosh Ojha   25 Jun 2017 7:16 PM GMT

कुख्यात बदमाश आनंदपाल था फेसबुक प्रेमी, फेसबुक पर लिखता था मन की बात   आनंदपाल का हुआ इनकाउंटर  

लखनऊ। इंसान कैसा भी हो कुछ आदतें हम सब की एक जैसी होती है, जैसे फेसबुक पर स्टेटस लिखना। कल रात पांच लाख के ईनामी कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह की राजस्थान में पुलिस मुठभेंड में मौत हो गयी। राजस्थान में कई सालों से आतंक का पर्याय बन चुके आनंदपाल सिंह ने हत्या, लूट, डकैती में विशेष उपलब्धि प्राप्त की थी ताजा नमूना इनकाउंटर वाली रात ही थी जिसमें आनंदपाल सिंह एके 47 से लैस मृत पाए गए। फेसबुक पर आनंदपाल सिंह डीडवाना नाम का एक फेसबुक अकाउंट भी है जिसमें कुख्यात बदमाश से सम्बंधित कई पोस्ट है।

"13 जून 2016 को आनंदपाल सिंह ने अपने फेसबुक पे एक स्टेटस लिखा था "मौत आई तो क्या मैं मर जाऊँगा, मैं तो इक दरिया हूँ जो समंदर में मिल जाऊँगा।"

आनंदपाल सिंह

फेसबुक पर आनंद पाल ने कई और पोस्ट और स्टेटस डाले है जिसमें उसने कुछ न कुछ लिखा है। एक फेसबुक स्टेटस में आनंदपाल ने पुलिस को खुली चुनौती भी दी है। एक पोस्ट ऐसा है जिसमें आनंदपाल ने दो मोबाइल नंबर लिखे है और पुलिस को चुनौती देते हुए लिखा है कि राजस्थान पुलिस कॉल कर सकती है लेकिन दम है तो। यह फेसबुक पोस्ट 25 नवम्बर 2016 है।

आनंदपाल सिंह

इसी प्रकार आनंदपाल ने फेसबुक पर 1 अक्टूबर 2016 को अपने फेसबुक पर सभी को नवरात्र की शुभकामनाएं दी।

इसी प्रकार आनंदपाल ने 6 मार्च 2016 को एक पोस्ट फेसबुक पर डाली जिसमें उसने लिखा “जयपुर चलो जयपुर चलो राजस्थान में आग लगा दूंगा यह मेरा वादा है, भाइयों मेरे पर विश्वास रखो मरने और मारने पर उतारू हूं जय मां करणी”

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31 दिसम्बर 2015 को आनंदपाल ने फेसबुक पर नए साल की शुभकामनाएं भी दी जिसमें उसने लिखा “सभी भाई बंधुओं को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं” आपको बता दें कि कल रात आनंदपाल का पुलिस द्वारा इनकाउंटर कियां गया। जिसमें उसके सीने में कई गोलियां लगी और उसकी मौत हो गयी।

आनंदपाल

करीब डेढ़ साल से फरार चल रहा पांच लाख रुपए का ईनामी कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह आखिरकार मारा गया। शनिवार रात करीब 11:25 बजे एसओजी ने चूरू के मालासर में एनकाउंटर के दौरान उसे मार गिराया। मुठभेड़ के दौरान आनंदपाल और उसके दो साथियों ने एके 47 समेत अन्य हथियारों से 100 राउंड फायर किए। इस दौरान आनंदपाल को 6 गोलियां लगी। आनंदपाल राजस्थान, मध्य प्रदेश यूपी, पंजाब और हरियाणा में वॉन्टेड था। मुठभेड़ के दौरान एसओजी के सीआई सूर्यवीर सिंह के हाथ टूट गया है, जबकि पुलिसकर्मी सोहन सिंह धर्मपाल गोली लगने से घायल हो गए। सोहन की हालत गंभीर बताई जा रही है। आनंदपाल के पास से 2 एके-47 400 कारतूस मिले हैं। एसओजी ने आनंदपाल के दो भाइयों देवेंद्र उर्फ गुट्‌टू और विक्की को हरियाणा के सिरसा से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि आनंदपाल मालासर में श्रवण सिंह नामक शख्स के घर पर छिपा हुआ है।

आनंदपाल

डीजीपी मनोज भट्ट ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से एसओजी के आईजी दिनेश एमएन के सुपरविजन में एडिशनल एसपी संजीव भटनागर हरियाणा में डेरा डाले हुए थे। इस दौरान संजीव भटनागर ने आनंदपाल के भाई विक्की देवेन्द्र को सिरसा से शाम छह बजे गिरफ्तार किया। इसके बाद एसओजी की एक टीम करण शर्मा की अगुआई में चूरू जिले के मालासर गाँव में पहुंची। यहां आनंदपाल दो दिन पहले आया था। एसओजी ने घेराबंदी कर आनंदपाल को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह छत पर जाकर पुलिस पर फायरिंग करने लगा। एसओजी की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।

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