‘‘क्योंकि बहनें कभी नहीं लड़तीं’’

‘‘क्योंकि बहनें कभी नहीं लड़तीं’’न्यायालय ने बहनों से कहा, अपने संबधों को याद कीजिए।

नई दिल्ली (भाषा)। दिल्ली हाईकोर्ट ने 25 साल पुराने संपत्ति विवाद में दो बहनों को परामर्श देते हुए कहा कि ‘‘बहनें कभी नहीं लड़तीं।'' न्यायाधीशों ने उन्हें उनके पुराने संबंधों को याद दिलाते हुए आपस में विवाद सुलझाने की सलाह दी। बहनों से ‘भरोसे कायम करने' को कहते हुए पीठ ने मामले को सुलझाने के लिए परामर्श केंद्र भेज दिया।

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पीठ ने कहा कि संपदा और संपत्ति झगड़े की वजह नहीं होनी चाहिए और इनकी जगह पारिवारिक संबंध महत्वपूर्ण हैं। न्यायमूर्ति बीडी अहमद और आशुतोष कुमार की पीठ ने कहा, ‘‘बहनें कभी लड़ती नहीं हैं। हमारा मानना है कि दोनों बहनों को अपने हाल के दिन भूल कर अपने जीवन के उन पुराने दिनों को याद करना चाहिए जब वे एक परिवार में रहती थीं और मामले को हल करने की कोशिश करनी चाहिए।''

उच्च न्यायालय एक बहन की एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। दोनों बहनों के बीच उस संपत्ति को लेकर विवाद है जिसे मां ने अपनी वसीयत में एक बहन के नाम कर दिया था।

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