किसानों को सिर्फ 6 हजार रुपए देना उनका अपमान, ये योजना नहीं झुनझुना है: किसान नेता वीएम सिंह

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट 2019 पेश करते हुए कहा कि, ''हमने 'पीएम किसान सम्मान निधि' योजना शुरू की है। इसके तहत कमजोर और छोटे किसान को हर साल 6 हजार रुपए दिए जाएंगे।

Ranvijay SinghRanvijay Singh   2 Feb 2019 6:54 AM GMT

किसानों को सिर्फ 6 हजार रुपए देना उनका अपमान, ये योजना नहीं झुनझुना है: किसान नेता वीएम सिंह

लखनऊ। चुनावी साल में आए मोदी सरकार के अंतरिम बजट 2019 में किसानों के लिए 'पीएम किसान सम्मान निधि' लाई गई है। इसके तहत किसानों को 6 हजार रुपये प्रति वर्ष दिया जाएगा। किसान नेता सरदार वीएम सिंह इस योजना को झुनझुना बता रहे हैं। उनके मुताबिक, ''यह जो 'पीएम किसान सम्मान निधि' लेकर आए हैं यह तो किसानों का 'अपमान' है।''

किसान नेता सरदार वीएम सिंह कहते हैं, ''मैंने दिल्‍ली में 30 नवंबर के प्रदर्शन के दौरान ही कहा था कि अब अगला देश का चुनाव किसानों पर होगा। खेती जिंदा होगी तो बच्‍चे इस ओर लौटेंगे, क्‍योंकि रोजगार तो है नहीं। हालांकि इन लोगों ने अपनी हार से सबक नहीं सीखा है। यह जो 'पीएम किसान सम्मान निधि' लेकर आए हैं यह तो किसानों का 'अपमान' है। हम पांच साल से देख रहे थे कि आप वादा कब पूरा करेंगे, लेकिन आप तो बेवकूफ बना रहे हैं।''

वीएम सिंह बताते हैं, ''पीयूष गोयल ने आज बजट भाषण के दौरान कहा कि 6 हजार रुपए इस लिए दिए जा रहे हैं क्‍योंकि किसानों को एमएसपी (मिनिमम सपोर्ट प्राइज) नहीं मिल पा रही है। अब आंकड़े देखे जाएं तो मेरे पास अगर 5 एकड़ जमीन है तो इसपर मुझे एमएसपी में कितना घाटा हो रहा हो। मान लीजिए 5 एकड़ में मेरा गेहूं 20 कुंतल हो रहा है और मुझे स्‍वामिनाथन वाली एमएसपी 2350 से 2400 रुपया मिलना चाहिए। लेकिन मेरा गेहूं 1400 में बिका तो मेरा करीब 40 हजार का नुकसान होता है। ऐसे ही गन्‍ने अगर मेरा 100 रुपए का बिक रहा है तो एक एकड़ पर मुझे 40 हजार का नुकसान हो रहा है। वहीं, 5 एकड़ पर मेरा नुकसान 2 लाख रुपए का है। अब 2 लाख के बदले आपने मुझे बड़े प्‍यार से दे दिया 6 हजार रुपया। यह तो झुनझुना है। आपने एक साल के अंदर मेरा खाद, मेरा बीज, मेरा रहन सहन हर चीज कितना महंगा हो गया है इस ओर ध्‍यान ही नहीं दिया।''

सरकार के पास क‍िसानों के ल‍िए पैसा नहीं: वीएम सिंह

वीएम सिंह ने आगे कहते हैं, ''सरकार ने बताया है कि 11 लाख 68 हजार रुपए किसानों का कर्जा है। साथ में यह भी कह रहे हैं कि सातवां वेतन लागू करेंगे। अब सातवां वेतन लागू होगा तो पूरे देश में 4 करोड़ 80 लाख रुपया एक साल का वेतन देना होगा। 1 लाख 2 हजार करोड़ सिर्फ केंद्र का वेतन था पिछले साल। ऐसे में 5 साल में आप 24 लाख करोड़ देंगे, लेकिन किसानों का 11 लाख 68 हजार रुपया आप दे नहीं रहे। आपके पास हमारे लिए पैसा नहीं है, लेकिन बाबू लोगों के लिए पैसा है।''

बता दें, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को अंतरिम बजट 2019 पेश करते हुए कहा कि, ''हमने 'पीएम किसान सम्मान निधि' योजना शुरू की है। इसके तहत कमजोर और छोटे किसान को हर साल 6 हजार रुपए दिए जाएंगे ताकि किसानों की आमदनी बढ़ सके। ये पैसा 2 हजार की तीन किस्‍तों में मिलेगा। पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा। इसकी 100 फीसदी सरकार फंडिंग करेगी। पीयूष गोयल ने कहा कि यह स्कीम एक दिसंबर 2018 से लागू होगी। जिसका देश के 12 करोड़ किसान परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। इससे सरकार पर कुल 75 हजार करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा।''

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