यूपी के किसान ऐप से सीखेंगे आधुनिक खेती के गुर

यूपी के किसान ऐप से सीखेंगे आधुनिक खेती के गुरसंबोधित करते हुए सीएम योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सोमवार को मिलियन फार्मर्स स्कूल (किसान पाठशाला) के पंचम संस्करण का शुभारम्भ किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि एक गूढ़ विषय है, जिसमें बीज से बाजार तक की बात सम्‍मलित है। इसे लेकर लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। इस मौके पर उन्होंने यूपी किसान पाठशाला ऐप का भी उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ के पांच कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर किसान पाठशाला का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्‍होंने कहा, "2014 में मोदी जी ने सत्ता संभालने के साथ मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना (soil health card yojana) के रूप में एक महत्वपूर्ण पहल की थी। उर्वरकता किसानों की भी प्राथमिकता होनी चाहिए। लोगों की जागरूकता बहुत जरूरी है, बिना जागरूकता के हम लक्ष्य नहीं प्राप्त कर पाएंगे।"

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''जागरूकता को मूल मंत्र बनाने से उप्र के किसानों की आय कई गुना बढ़ सकती है। मिलियन फार्मर्स स्कूल का भी यही मकसद है। सरकार किसानों को उत्पादक से उद्यमी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कर्जमाफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य में लगातार बढ़ोत्तरी, इसके दायरे में नयी फसलों को लाना, धान, गेहूं और गन्ना की रिकार्ड खरीद, ऑन लाइन एवं समयबद्ध भुगतान, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, किसान सम्मान योजना, मंडी अधिनियम में सुधार और सिंचन क्षेत्र में विस्तार आदि इसी की कड़ी हैं। इन्ही सारे प्रयासों के नाते उत्‍तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में देश में नंबर एक बनी है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "हमारे पास दुनिया की सबसे उर्वर जमीन, भरपूर पानी एवं श्रम और वैविध्यपूर्ण कृषि जलवयायु है। जागरूकता से यहां के किसानों की आय कई गुना बढ़ सकती हैं। खेती में सिंचाई के महत्व के मद्देनजर हमारी सरकार ने आते ही इस पर फोकस किया। दशकों से अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं (बाण सागर, सरयू नहर, अर्जुन सहायक, मध्य गंगा नहर) को पूरा कर दिसंबर-2019 तक हम 17 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को सिंचित बना देंगें। किसान स्प्रिंकलर एवं ड्रिप इरीगेशन जैसी अपेक्षाकृत दक्ष विधाओं का प्रयोग कर कम लागत और पानी में अपनी उत्पादकता एवं आय बढ़ा सकते हैं। सरकार इस पर 80 से 90 फीसदी तक अनुदान भी दे रही है। किसानों को इसके लाभ एवं सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधा को बताएं।"

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तैयार करें जैविक खेती का मॉडल

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, ''कृषि विभाग जैविक खेती का मॉडल तैयार करें। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले कुछ ब्लाकों को और बाद में जिलों को मॉडल बनाएं। किसानों को हर संभव मदद करें। उनको यह भी बताएं कि पराली (फसल अपशिष्ट) वेस्ट नहीं वेल्थ (खराब नहीं लाभदायक) है। पोषक तत्व के इस खजाने को कैसे वेल्थ के रुप में बदलें, इसका भी तरीका उनको बताना होगा।"

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेनर और किसान पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान उन्‍होंने महिला किसानों को ट्रैक्टर की चाभी भी सौंपी। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप साही और संबंधित विभागों के मंत्री व मुख्य सचिव समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

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