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फ्री स्पीच अवार्ड 2019: गांव कनेक्शन के अरविंद शुक्ला को रिपोर्टर कैटेगरी का प्रथम पुरस्कार

फ्री स्पीच अवार्ड 2019: गांव कनेक्शन के अरविंद शुक्ला को रिपोर्टर कैटेगरी का प्रथम पुरस्कारअरविंद शुक्ला को अवार्ड और चेक देते कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि।

नोएडा। गांव कनेक्शन के डिप्टी न्यूज एडिटर अरविंद शुक्ला को किसानों पर आधारित खबरों के लिए फ्री स्पीच अवार्ड 2019 से सम्मानित किया गया है। नोएडा में नोएडा मीडिया क्लब द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें रिपोर्टर कैटेगरी के प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। इसके अलावा पत्रकारिता में लंबा योगदान देने के लिए पांच पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया।

रविवार 19 जनवरी को एनडीए सभागार में नोएडा मीडिया क्लब कार्यक्रम में राज्यसभा टीवी के संपादक अरविंद कुमार सिंह, बीबीसी इंडिया के संपादक मुकेश शर्मा, इंडिया टीवी के कार्यकारी संपादक सुशांत सिन्हा बतौर अतिथि मौजूद रहे। र्यक्रम की अध्यक्षता नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष पंकज पाराशर और संचालन महासचिव विनोद राजपूत ने किया।

नोएडा मीडिया क्लब द्वारा दिये जाने वाले फ्री स्पीच अवार्ड 2019 के विजेताओं के नामों की घोषणा काफी पहले ही कर दी गई थी। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट रिपोर्टर और फोटोग्राफर कैटेगरी के लिए प्रतियोगिता आयोजित की गई थी जिसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से 150 से ज्यादा आवेदन मिले थे। पांच सदस्यों की जूरी टीम जिसमें शंभूनाथ शुक्ला, श्रीनंद झा, राजीव गुप्ता, अनल पत्रवाल और तोशी तोपघ्यल शामिल थे।


जूरी ने दो नवंबर को तीन राउंड के दौरान दोनों कैटेगरी में तीन-तीन विजेता घोषित किये। न्यूज रिपोर्टर केटेगरी में गांव कनेक्शन के अरविंद शुक्ल को उनकी किसानों पर आधारित खबर के लिए प्रथम स्थान के लिए चुना गया। इसके अलावा दैनिक भास्कर जयपुर के आनंद चौधरी को उनकी प्रसव पीड़ा पर आधारित खबर के लिए द्वितीय तो वहीं दैनिक जागरण मुरादाबाद के रितेश द्विवेदी को उनकी गोमांस पर आधारित खबर के लिए तीसरे स्थान के लिए चुना गया।

फोटोग्राफर कैटेगरी के लिए जूरी ने हिन्दुतान टाइम्स नोएडा के सुनील घोष को प्रथम, सलमान अली हिंदुस्तान हिंदी नोएडा को द्वतीय और टाइम्स ऑफ इंडिया के हिमांशु सिंह को तृतीय स्थान के लिए चुना। इन विजेताओं को 25, 15 तथा 10 हजार के पुरस्कार दिए गए।

इस अवसर पर राज्यसभा टीवी के संपादक अरविंद कुमार सिंह ने कहा की पत्रकारिता का पेशा एक पवित्र पेशा है। इसको प्रभावित करने के लिए बड़ी संख्या में लोग इस पेशे में आ रहे हैं। ऐसे लोगों से सचेत होने की आवश्यकता है। बीबीसी इंडिया के संपादक मुकेश शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया के इस युग मे न्यूज के आगे फेक शब्द जुड़ने लगा है। यह चिंता का विषय है। आवश्यकता है सोशल मीडिया पर मॉनिटरिंग करने की ।

वहीं इंडिया टीवी के कार्यकारी संपादक सुशांत सिन्हा ने कहा की पिछले कुछ दिनों में तेजी से सोशल मीडिया हावी हो रहा है। सोशल मीडिया का असर अब देखने को मिल गया है। राजनीतिक लोगों पर शिकंजा कसने के लिए किसी टीवी चैनल या न्यूज़ एजेंसी की आवश्यकता नहीं है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोग अपनी बात को बखूबी कह रहे हैं।

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