सीतापुर: पुलिस नहीं लिख रही थी FIR, गैंगरेप पीड़िता ने खाया जहर

सीतापुर: पुलिस नहीं लिख रही थी FIR, गैंगरेप पीड़िता ने खाया जहर

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक गैंगरेप पीड़ि‍ता ने पुलिस की कार्यप्रणाली से तंग आकर जहर खा लिया। पीड़िता के घर वालों का आरोप है कि पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही थी, इस वजह से पीड़िता ने यह कदम उठाया है। फिलहाल लड़की का इलाज लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक, सीतापुर के पिसावां इलाके के एक गांव की लड़की (15 साल) मंगलवार को होली परिक्रमा मेला देखने के लिए अपनी सहेली के घर गई थी। रात करीब एक बजे वह अपने छोटे भाई को लेकर शौच करने के लिए घर से बाहर निकली। इसी बीच कुछ लोग उसे जबरन उठा ले गए।

लड़की का छोटा भाई घर पहुंचा और उसने सारी बात बताई। इसके बाद लोग लड़की की तलाश में जुट गए। कई घंटे की खोजबीन के बाद लड़की एक चार पहिया वाहन में बंधी मिली। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, गाड़ी के पास पहुंचने पर कुछ युवक भाग गए वहीं एक युवक को पकड़ लिया गया। इसके बाद 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को बुलाया गया और युवक को उन्‍हें सौंप दिया गया। साथ ही लड़की को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया।

पीड़िता के घर वालों का आरोप है कि मामले में थाने पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। बुधवार को पूरे दिन थाने पर बैठे रहने के बाद भी जब एफआईआर नहीं लिखी गई तो गुरुवार को लड़की ने जहर खा लिया। लड़की की हालत बिगड़ने पर घर वालों ने उसे जिला अस्‍पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर भेज दिया गया। वहीं इस घटना के बाद पुलिस भी हरकत में आई और एफआईआर दर्ज कर ली गई। एफआईआर में तीन लोगों के नाम हैं। वृन्दावन गांव निवासी रोहित सिंह, कुसहा निवासी महेन्द्र सिंह और पिसावां स्थित देवगवां निवासी अपिल सिंह के नाम एफआईआर है।

एसपी एलआर कुमार ने गांव कनेक्‍शन को फोन पर बताया कि ''पिसावां थाने में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से दो लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं। एक की तलाश जारी है। जिस गाड़ी में लड़की के साथ रेप हुआ वो गाड़ी भी बरामद कर ली गई है। मामले में जांच चल रही है।''

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