रिहा होते ही सईद की भारत को धमकी, जंग जारी रहेगी 

रिहा होते ही सईद की भारत को धमकी, जंग जारी रहेगी नजरबंदी से रिहा हुआ आतंकी हाफिज सईद  

लखनऊ। लश्कर ए तैयबा के चीफ हाफिज सईद के रिहा होने के बाद जम्मू कश्मीर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। हाफिज सईद को लाहौर की कोर्ट ने बुधवार को बरी कर दिया था, जिसके बाद उसने अपने समर्थकों के बीच एक बड़ी रैली को संबोधित किया जिसमे उसने एक बार फिर से कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा कि वह कश्मीर की आजादी के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। सईद ने कहा कि मुझे 10 महीने तक नजरबंद रखा गया, मुझे कश्मीर पर बोलने से रोका गया, लेकिन मैं पूरे पाकिस्तान को कश्मीर की आजादी के लिए एकजुट करुंगा और उन्हें उनकी मंजिल हासिल कराने में मदद करुंगा।

सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट रहने की जरूरत

इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि हाफिज सईद के बरी होने से उसके समर्थकों का उत्साह बढ़ेगा, ऐसे में खुद हाफिज सईद ऑपरेशन पर नजर रखेगा, लिहाजा बड़े स्तर पर किसी हमले की संभावना बढ़ जाती है। आईबी का कहना है कि हाफिज सईद के रिहा होने के बाद आईएसआई अधिक से अधिक आतंकियों को सर्दी के मौसम में घुसपैठ कराने की कोशिश करेगा, लिहाजा तमाम सुरक्षाकर्मियों को हाई अलर्ट पर रहने की जरूरत है।

कश्मीर की आजादी के लिए लड़ाई जारी रखेगा

आईबी अलर्ट में कहा गया है कि जम्मू कश्मीर में लश्कर ए तैयबा के सदस्य किसी बड़े हमले की साजिश रच सकते हैं। अलर्ट में सुरक्षाकर्मियों को कहा गया है कि वह सीमा पर कड़ी निगरानी रखें, जहां से आतंकियों के घुसने की संभावना है। कोर्ट से बरी होने के बाद हाफिज सईद ने इस बात का दावा किया है कि वह कश्मीर के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा, उसने कहा कि वह इस बात की पूरी कोशिश करेगा कि कश्मीर के लोग आजाद हो। हाफिज सईद ने खुले तौर पर इस बात को कहा है कि वह कश्मीर के लोगों को आजादी दिलाने के लिए पूरे पाकिस्तान के लोगों को इकट्ठा करेगा।

एक करोड़ डॉलर का इनाम है

आपको बता दें कि हाफिज सईद पर आतंकी गतिविधियों की वजह से अमेरिका ने उसपर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। इसी वर्ष जनवरी माह में हाफिज सईद को हिरासत में लिया गया था, लेकिन जिस तरह से उसकी रिहाई हुई है उसके बाद एक बार फिर से पाकिस्तान पर दबाव बनने लगा है कि वह उसे वापस हिरासत में ले। हाफिज सईद के आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा पर मुंबई हमले की साजिश रचने का आरोप है, लश्कर के 10 आतंकियों ने 166 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने 9 आतंकियों को मार गिराया था, जबकि एक आतंकी अजमल कसाब को गिरफ्तार कर लिया था, जिसे कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी।

26 नवंबर को मुंबई हमलों की बरसी

सईद की रिहाई ऐसे समय में संभावित है जब 26 नवंबर को 2017 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों की नौवीं बरसी है। मुंबई हमलों में 166 लोग मारे गए थे। 31 जनवरी को सईद और उसके चार सहयोगियों—अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी काशिफ हुसैन—को पंजाब सरकार ने आतंकवाद निरोधक कानून 1997 और आतंकवाद निरोधक कानून 1997 की चौथी अनुसूची के तहत 90 दिनों के लिए हिरासत में लिया था। आतंकवादी गतिविधियों में भूमिका निभाने को लेकर अमेरिका ने जमात—उद—दावा प्रमुख सईद पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। हाफिज इस साल जनवरी से ही न्यायिक हिरासत में था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने पत्रकारों से कहा, "हाफिज सईद की रिहाई (आसन्न) एक बार फिर आतंकवाद जैसे घृणत अपराध के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित व्यक्ति या संस्था को सजा दिलाने में पाकिस्तान सरकार की गंभीरता में कमी की पुष्टि करती है।"

कुमार ने आगे कहा कि 'भारत और पूरा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस बात से चिंतित है कि एक आत्मघोषित और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी अपने खतरनाक एजेंडे के साथ आजाद है।'

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