सोने की तरह अब कोयले की हॉलमार्किंग 

Karan Pal SinghKaran Pal Singh   25 March 2017 1:09 PM GMT

सोने की तरह अब कोयले की हॉलमार्किंग कोयले के ग्रेड की अब सोने की तरह हॉलमार्किंग की जाएगी।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

सोनभद्र। कोयले के ग्रेड की अब सोने की तरह हॉलमार्किंग की जाएगी। केंद्रीय कोयला मंत्रालय के तहत कार्यरत कोयला नियंत्रक कार्यालय द्वारा प्रत्येक कोयला खदान के कोयला ग्रेड की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है। ग्रेड के हिसाब से कोयले की हॉलमार्किंग की जाएगी।

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वर्तमान में कोयला उत्पादकों द्वारा स्वत: ही कोयले के ग्रेड का निर्धारण किया जाता है। इसे लेकर उपभोक्ताओं एवं विद्युत गृहों द्वारा आपत्ति दर्ज की जाती रही है। सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की थर्मल विद्युत परियोजनाओं द्वारा अक्सर निर्धारित ग्रेड से कमतर ग्रेड का कोयला आपूर्ति किये जाने की शिकायत की जा रही है। कोयला कंट्रोलर विभाग के इस निर्णय से विद्युत गृहों एवं उपभोक्ताओं को निर्धारित ग्रेड का ही कोयला मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।

कोल कंट्रोलर अंजनी कुमार बताते हैं, “विक्रेता कोल कम्पनियों एवं उपभोक्ताओं के मध्य ग्रेड को लेकर गहराते विवाद को देखते हुए थर्ड पार्टी सैम्पल विश्लेषण को आवश्यक किया गया है। इसका पूरा रिकार्ड रखा जाएगा। ग्रेड की सुनिश्चितता के लिए प्रत्येक खदान का निरीक्षण किया जाएगा।” उन्होंने बताया कि थर्ड पार्टी के विश्लेषण की भी समीक्षा करते हुए खदानों के ग्रेड का पुन: निर्धारण किया जाएगा। इससे कुछ खदानों को डाउन ग्रेड तथा कुछ को अपग्रेड भी किया जा सकता है।कोयले की ग्रेड के हिसाब से हॉलमार्किँग की जाएगी जैसी कोयले की गुणवत्ता होगी वैसा हॉलमार्क लगेगा।” वो आगे बताते हैं, “कोयला कोई उत्पादित उत्पाद नहीं है। यह प्रकृति में मौजूद है तथा विषम प्राकृतियां ही इसके ग्रेड के लिए जिम्मेदार होती हैं।”

413 खदानों से होती कोयले की आपूर्ति

कोल इंडिया द्वारा 413 खदानों के माध्यम से देश में कोयले की आपूर्ति की जाती है। कोयले के उन्नयन के लिए कोल कंट्रोलर विभाग द्वारा आईआईटी बीएचयू, आइएसएम धनबाद, आईआईटी गुवाहाटी जैसे अन्य वैज्ञानिक संस्थानों के साथ कार्य किया जा रहा है। कोयला खदान के ग्रेड के आधार पर ही कोयले की दर निर्धारित की जाती है।

इस आधार पर ग्रेड

कोयला का ग्रेड कैलोरिक वैल्यू के आधार पर तय किया जाता है। वर्तमान में जी-1 से लेकर जी-16 तक ग्रेड निर्धारित है। इसमें ग्रेड जी-1 की कैलारिक वैल्यू 7000 से अधिक है, इसलिए इस कोयला की कीमत सर्वाधिक होती है। इसके बाद प्रत्येक ग्राम कैलोरिक वैल्यू 300 घटते जाती है और उसके अनुसार कोयले की कीमत भी घटते जाती है।

एनसीएल में है उत्तम कोटि का कोयला

ऊर्जाचल स्थित एनसीएल की सभी खदानों में विद्युत गृहों में प्रयोग किये जाने वाले कोयले उपलब्ध है। इनका ग्रेड जी-6 से जी-14 के मध्य है। इन कोयले की औसत कीमत 2300 रुपये प्रति टन है।

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