बीमारी के खर्च की वजह से भोजन व शिक्षा खर्च में करनी पड़ रही कटौती

बीमारी के खर्च  की वजह से भोजन व शिक्षा  खर्च में करनी पड़ रही कटौतीबीमारी का खर्च कर रहा गरीब।

नई दिल्ली (भाषा)। देश के प्रमुख संस्थान एम्स द्वारा कराए गए एक अध्ययन के अनुसार बीमारी से न सिर्फ मरीज का स्वास्थ्य प्रभावित होता है बल्कि उसके पूरे परिवार पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है, भले ही परिवार गरीब हो या मध्यम वर्ग का।

एम्स के गैस्ट्रोएनटेरोलोजी और ह्यूमन न्यूटरीशन विभाग द्वारा कराए गए अध्ययन के अनुसार बीमारी पर खर्च के कारण परिवारों को भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे खर्च में भी कटौती करनी पड़ी।

मेडिकल खर्चे को पूरा करने के लिए कई परिवारों को तो जमीन, मवेशी भी बेचनी पड़ी या अपने बच्चों की पढ़ाई के साथ समझौता करना पड़ा। यह अध्ययन पिछले महीने नेशनल मेडिकल जर्नल आफ इंडिया में प्रकाशित हुआ है। इस अध्ययन में 374 मरीजों को शामिल किया गया। इन मरीजों ने एम्स, नई दिल्ली और हरियाणा के बल्लभगढ़ स्थित एम्स के एक अस्पताल में इलाज कराया था।

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अध्ययन के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों में से 51.3 प्रतिशत और शहरी मरीजों में से 65.5 प्रतिशत बीमारी के पहले रोजगारप्राप्त थे। लेकिन बीमारी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ 24.4 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में सिर्फ 23.4 प्रतिशत मरीजों के पास ही रोजगार बचा था।

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