इंटरनेशनल कोर्ट ने कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर लगाई रोक 

इंटरनेशनल कोर्ट ने कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर लगाई रोक कुलभूषण जाधव।

नई दिल्ली (भाषा)। अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा की तामील पर मंगलवार को स्थगन लगा दिया। जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी के दोष में मौत की सजा सुनायी है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गौरतलब है कि भारत ने पाकिस्तान के फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल द्वारा पिछले महीने जाधव को मौत की सजा सुनाये जाने के खिलाफ कल हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) में अपना पक्ष रखा था। उसी आधर पर आईसीजे ने मंगलवार को स्थगन आदेश दिया है।

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बताया जाता है कि आईसीजे के अध्यक्ष रोनी अब्राहम ने पाकिस्तान सरकार को एक पत्र लिख कर कहा है कि वह इस तरह कार्रवाई करे जिससे इस मामले में जारी होने वाले अदालत के किसी आदेश का क्रियान्वयन संभव हो सके।

आईसीजे से की गयी अपील में भारत ने पाकिस्तान पर राजनयिक संबंधों पर वियेना सम्मेलन के भीषण उल्लंघन का आरोप लगाया है और इस बात पर जोर दिया है कि जाधव का ईरान से अपहरण किया गया था। जाधव भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद ईरान में व्यावसायिक कार्यों से गये हुए थे। हालांकि पाकिस्तान का दावा है कि उसके सुरक्षा बलों ने तीन मार्च, 2016 को बलुचिस्तान से जाधव को गिरफ्तार किया। भारत की अपील पर आईसीजे ने जाधव को मिली फांसी की सजा की तामील पर स्थगन लगा दिया है।

भारत ने अपनी अपील में कहा कि उसे जाधव की गिरफ्तारी के लंबे समय बाद तक भी इसकी सूचना नहीं दी गयी और पाकिस्तान आरोपी को उसके अधिकारों की जानकारी देने में भी असफल रहा है। उसने आगे कहा कि वियेना सम्मेलन का उल्लंघन करते हुए पाकिस्तान अधिकारी बार-बार अनुरोध के बावजूद जाधव तक राजनयिक पहुंच के अधिकार से भारत को वंचित रख रहे हैं।

भारत ने अपनी अपील में कहा है, तात्कालीक रुप से यह अतिगंभीर खतरा है कि भारत के प्रति अपने दायित्वों का उल्लंघन करते हुए पाकिस्तान एक भारतीय नागरिक को फांसी की सजा दे सकता है। इसलिए भारत अदालत से अनुरोध करता है कि बिना किसी मौखिक सुनवायी का इंतजार किये वह तत्काल इसपर फैसला सुनाये।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, ‘‘मैंने कुलभूषण जाधव की मां से, अदालत के नियमों के पैरा चार के अनुच्छेद 74 के तहत आईसीजे अध्यक्ष के फैसले पर बात की है।'' सुषमा ने ट्वीट किया, ‘‘श्रीमान हरीष साल्वे, वरिष्ठ वकील, कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत में भारत का पक्ष रख रहे हैं।''

पाकिस्तान के फिल्ड जनरल कोर्ट मार्शल द्वारा पिछले महीने जाधव को मौत की सजा सुनायी गयी। इसे लेकर भारत ने बहुत तीखी प्रतिक्रिया दी और सोच समझ कर की जाने वाली हत्या को अंजाम दिये जाने की स्थिति में द्विपक्षीय संबंधों में खटास और परिणाम भुगतने की चेतावनी पाकिस्तान को दी थी।

पाकिस्तान का दावा है कि उसके सुरक्षा बलों ने जाधव को अशांत बलुचिस्तान प्रांत से पिछले वर्ष तीन मार्च को गिरफ्तार किया। कथित रुप से वह ईरान से बलुचिस्तान की सीमा में घुसा था। उसने यह भी दावा किया कि वह वर्तमान में भारतीय नौसेना का कर्मचारी है। भारत यह स्वीकार करता है कि जाधव ने नौसेना में सेवा दी है लेकिन इसे इनकार करता है कि अब उसका सरकार से कोई लेना-देना है।

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