अंतिम छोर तक बिजली पहुंचाने के लिये 46,000 मेगावाट उत्पादन क्षमता की कमी 

अंतिम छोर तक बिजली पहुंचाने के लिये 46,000 मेगावाट उत्पादन क्षमता की कमी देश में करीब 46,000 मेगावाट बिजली उत्पादी क्षमता तैयार हो कर भी रुकी पड़ी है।

नई दिल्ली (भाषा)। देश में करीब 46,000 मेगावाट बिजली उत्पादी क्षमता तैयार हो कर भी रुकी पड़ी है क्योंकि राज्यों ने उन संयंत्रों से बिजली लेने के लिये पर्याप्त बुनियादी ढांचा का निर्माण नहीं किया है। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के सदस्य (योजना) पंकज बत्रा ने मंगलवार को कहा कि 46,000 मेगावाट की बिजली क्षमता फंसी पड़ी है। इसका कारण वितरण मोर्चे पर अंतिम छोर तक बिजली पहुंचाने की खराब व्यवस्था है क्योंकि राज्यों ने निष्क्रिय बिजली को अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचाने के लिये पर्याप्त ढांचागत सुविधाओं का निर्माण नहीं किया।''

‘स्मार्ट ग्रिड, आटोमेशन एंड सोलर स्टोरेज' विषय पर पीएचडीसीसीआई द्वारा यहां आयोजित एक सम्मेलन में बत्रा ने कहा कि 46,000 मेगावाट में से 30,000 मेगावाट तापीय तथा शेष 16,000 गैस आधारित हैं। बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि राज्य तथा कुछ केंद्र शासित प्रदेश क्षमता के कम उपयोग के लिये जिम्मेदार हैं। यह क्षमता अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिये पर्याप्त है।

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