खेती के दम पर लखपति है गुजरात की ये महिला किसान

Ankit Kumar SinghAnkit Kumar Singh   10 July 2019 1:24 PM GMT

मेहसाणा (गुजरात)। किसानी करना अब घाटे का सौदा नहीं रहा। आज इस बदलते समय में लोग इसके महत्व को समझ रहे है। पहले खेती बस पुरुषों तक ही सीमित थी आज महिलाएं भी इसकी हिस्‍सेदार हैं। गुजरात में एक ऐसी ही महिला किसान है जो ग्रीन हाउस की मदद से खेती कर जिले में महिला किसान के रूप में पहचान बना रही है।

अहमदाबाद से लगभग 100 किलोमीटर दूर उत्तर गुजरात का प्रवेश जिला मेहसाणा के मोटीदाऊ गाँव की रहने वाली सरोजा पटेल खेती करती हैं। आज खेती के दम पर वह जमकर मुनाफा कमा रही हैं।

दरअसल, 2006 में इनके पति भावेश पटेल की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। जिसके बाद घर की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी इनके कंधे पर आ गई। इन्होंने उस मुसीबत के समय हार न मानकर शिक्षा के बदौलत अपने दुख को खत्म करने का निर्णय लिया। जिसमें इनकी सास ने इनका पूरा साथ दिया।

सरोजा को उम्मीद थी कि पढ़ाई के दम पर सरकारी नौकरी लग जाएगी। ऐसे में उन्‍होंने एमफिल भी किया लेकिन किस्‍मत में कुछ और ही लिखा था। इसमें सफल न होने पर उन्‍होंने 2012 में खेती करने का निर्णय लिया। जिसमें सरकार की मदद से ग्रीन हाउस बनवाया और उसमें खीरा, ककड़ी की करना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्‍होंने फूल की खेती भी किया। इसकी मदद से ये 4 से 5 लाख रुपए की शुद्ध कमाई कर रही है।

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सरोज कहती हैं कि अगर हम खेती को बिजनेस के रूप में करें तो हम खेती से अच्छी कमाई कर सकते हैं। मैं पहली बार खेती कर रही थी तो लोग कहते थे कि इसमें कुछ फायदा नहीं है मगर मैंने पहले साल में ही 15 लाख की खीरा और ककड़ी बेची थी। इन पैसों से बैंक का लोन चुकता की थी।

उन्‍होंने बताया कि अपने ग्रीन हाउस में अंगूर और स्ट्रॉबेरी की टेस्टिंग भी करती हैं, जो कभी सरकारी नौकरी के पीछे दौड़ रही थी। पाने के लिए आज वे उस नौकरी से बेहतर किसानी को मान रही है। आज इस खेती के बदौलत इन्हें राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सम्मानित किया जा चुका है।

महिला किसान दिवस पर इन्‍हें पुरस्कार भी मिल चुका है। वहीं राज्यपाल व मुख्यमंत्री द्वारा भी सम्मनित हो चुकी हैं। वहीं जब ये हमसे बात कर रही थी तो ये कहती है कि एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों से बात कर रहे थे, उस समय इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आये हुए थे। उस समय पीएम मोदी ने मुझसे पूछा कि हम इजराइल की तरह खेती क्यों नहीं कर सकते, तब मैंने कहाँ था कि अगर मुझे अच्छी सुविधा मिले तो हम उनसे अच्छा कर सकते है। जिसके बाद मुझे इजराइल जाने का निमंत्रण मिला है। सरोजा पटेल के एक बेटा और एक बेटी है। वही उनकी सास कहती है कि मेरे लिए मेरी बहू बेटे से भी बढ़कर है। आज उसने मेरा नाम रौशन कर दिया।

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