सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील का हिस्सा बनेगा मोटा अनाज

सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील का हिस्सा बनेगा मोटा अनाजसोनभद्र के एक प्राथमिक स्कूल में मिड-डे मील खाते बच्चे।    फोटो : करन पाल सिंह

कर्नाटक और तेलंगाना सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत सरकारी और अर्ध सरकारी विद्यालयों में छात्रों के भोजन में पर्याप्त पोषक तत्वों को पूरा करने के लिए मिड डे मील में मोटे अनाज को शामिल किया है। देश में सरकारी स्कूलों में भोजन पहुंचाने वाली संस्था अक्षय पात्र फाउंडेशन ने कर्नाटक सरकार के अनुरोध पर पहल की शुरुआत की है।

इस पहल की शुरुआत बेंगलुरु के 10 सरकारी और अर्द्धसरकारी स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर शुरू किया जा रहा है। जिसमें 1,622 बच्चों को शामिल किया गया है। बाजरा को चावल और सांभर के मौजूदा मिड डे मील मेन्यू के साथ सप्ताह में दो बार पेश किया जाएगा।

अक्षय पात्र फाउंडेशन के वाइस चेयरमैन चंचलपति दासा ने कहा, "पायलट प्रोजेक्ट के तहत बेंगलुरु के 10 स्कूलों में सप्ताह में दो दिन बच्चों के मिड-डे मील में मिल्लेट्स (मोटे अनाज) को शामिल किया गया है। बच्चों की प्रतिक्रिया आने के बाद इस नई पहल को देश अन्य राज्यों के स्कूलों में विस्तार किया जाएगा।"

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इस पायलट प्रोजेक्ट को 19 से 21 जनवरी से बेंगलुरु पैलेस में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले ऑर्गेनिक्स और मिलेट्स 2018 से पहले लांच किया गया।

तेलंगाना उपमुख्यमंत्री कादिम श्रीहरि ने अक्षय पात्र फाउंडेशन के पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते हुए।

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कर्नाटक के कृषि मंत्री कृष्णा बायर गौड़ा ने बेंगलुरु में पायलट प्रोजेक्ट के शुभारंभ के दौरान बोलते हुए कहा था, "मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बच्चों को मिड-डे मील में पर्याप्त पोषण मिले, इस परियोजना में रुचि व्यक्त की और उनसे एक पायलट चलाने के लिए कहा।" कृषि मंत्री बताते हैं, "बच्चों के पोषण संबंधी आवश्यकताओं की सावधानीपूर्वक मूल्यांकन के बाद पोषण से भरपूर भोजन की योजना बनाई गई है।"

कृषि मंत्री कृष्णा बायर गौड़ा आगे बताते हैं, "कर्नाटक में शुरू हुए मिड-डे मील योजना ने बच्चों के लिए खाद्य सुरक्षा को मजबूती प्रदान की है। इस एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए, यह जरूरी है कि हम पोषण सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करें, विशेष रूप से बच्चों के बीच। मिड-डे मील में मिलेट्स (मोटा अनाज) शामिल करने से इसकी पोषकता और पड़ने वाले प्रभाव को पता लगाने के लिए एक शानदार शुरुआत है। मिलेट्स में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं, साथ ही वे हमारे स्वास्थ्य को अच्छा रखते है।"

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री कड़ियम श्रीहरी ने कहा, "जल्द ही तेलंगाना राज्य के मध्य भोजन कार्यक्रम में पोषक तत्वों को और अधिक मजबूत करने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (एनआईएन) और आईसीआरआईएसएटीएट के साथ एक बैठक आयोजित करेंगे। बच्चों को संपूर्ण पोषण मिले इसके लिए मिलेट्स जरूरी हैं। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बच्चों को सप्ताह में दो बार मध्याह्न भोजन में मिलेट्स दिया जाएगा। इसके बाद योजना सफल रही तो पूरे प्रदेश में योजना लागू की जाएगी।"

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