कंपनियां दे रही दुपहिया वाहनों पर 22,000 रुपए तक की छूट, सिर्फ कुछ घंटों का है खेल

कंपनियां दे रही दुपहिया वाहनों पर 22,000 रुपए तक की छूट, सिर्फ कुछ घंटों का है खेललखनऊ के एक शो रूम से बाइक खरीदने की लगी होड़।   फोटो : विनय गुप्ता

नई दिल्ली (भाषा) । दुपहिया वाहन कंपनी हीरो मोटो कार्प, एचएमएसआई, बजाज आटो व सुजुकी मोटरसाइकिल बीएस-तीन माडलों पर 22,000 रुपए तक की छूट दे रही हैं ताकि ऐसे वाहनों को ज्यादा से ज्यादा बेचा जा सके।

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सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे वाहनों की बिक्री और पंजीकरण पर एक अप्रैल से प्रतिबंध लगा दिया है।

डीलरों के अनुसार बीएस-तीन वाहनों पर प्रतिबंध से कुल आठ लाख गाड़ियां प्रभावित हुई हैं। इसमें 6.71 लाख दो पहिया वाहन हैं, यही कारण है कि कंपनियां ‘भारी भरकम' छूट देकर ज्यादा से ज्यादा वाहनों को निकालना चाहती हैं।

लखनऊ के एक शो रूम से बाइक खरीदने की लगी होड़। फोटो : विनय गुप्ता

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने इसकी शुरूआत बीएस-3 स्कूटर व मोटरसाइकिल पर 10000 रुपए तक की छूट से की। बाद में इस छूट राशि को बढ़ाकर 22000 रुपए कर दिया गया। कंपनी का कहना है कि वह एक्टिवा 3जी, ड्रीम युग, सीबी शाइन व सीडी 110 डीएक्स पर 22000 रुपए तक की कैशबेक पेशकश कर रही है।

प्रमुख कंपनी हीरो मोटोकार्प ने बीएस-3 दोपहिया वाहनों पर 12,500 रुपए तक की छूट की पेशकश की है। डीलरों के अनुसार कंपनी स्कूटर पर 12,500 रुपए, प्रीमियम बाइक पर 7500 रुपए व शुरुआती स्तर की मोटरसाइकिल पर 5000 रुपए की छूट की पेशकश कर रही है। कंपनी डुएट, माएस्ट्रो एज, ग्लेमर व स्पलैंडर से वाहनों पर छूट दे रही है।

वहीं सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया भी लेट्स स्कूटर, जिक्सर बाइक पर छूट दे रही है।

बजाज आटो भी अपने विभिन्न माडलों पर छूट व नि:शुल्क बीमा की पेशकश कर रही है, यह छूट 3000 रुपए से 12000 रुपए तक है।

बाइक खरीदने की इतनी होड़ है कि लोग अपनी चुनी बाइक पर जाकर बैठ जा रहे हैं, जिससे कोई दूसरा न लेकर जा सके। फोटो : विनय गुप्ता

बजाज आटो के अध्यक्ष (कारोबार विकास) एस रविकुमार ने कहा,‘ अगर वाहन बचते हैं तो हमारे पास निर्यात का विकल्प होगा।

' फेडरेशन आफ आटोमोबाइल डीलर्स (एफएडीए) के निदेशक (अंतरराष्ट्रीय मामले) निकुंज सांघी ने कहा, ‘‘उद्योग में अबतक इस तरह की छूट कभी सुनने को नहीं मिला।'' यह पूछे जाने पर कि शीर्ष अदालत के फैसले के मद्देनजर डीलर क्या कदम उठा रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘‘हमारा जोर समयसीमा से पहले यथासंभव अधिक से अधिक वाहनों को बेचने पर है, हमारे लोग संभावित ग्राहकों को कॉल कर रहे हैं और उन्हें छूट के बारे में बता रहे हैं।''

सुप्रीम कोर्ट ने कल कहा कि लोगों का स्वास्थ्य विनिर्माताओं के वाणिज्यिक हित से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वाहन कंपनियां इस बात से पूरी तरह अवगत हैं कि उन्हें एक अप्रैल 2017 से केवल बीएस-4 मानकों वाले वाहनों का ही विनिर्माण करना है लेकिन इसके बावजूद वे स्वयं से कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी।

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