जीडीपी में गिरावट मुद्दे पर जंग : जेटली ने कहा नोटबंदी का प्रभाव नहीं, विपक्ष ने कहा आखिरकार आशंकाएं सही साबित हुईं 

जीडीपी में गिरावट मुद्दे पर जंग : जेटली ने कहा नोटबंदी का प्रभाव नहीं, विपक्ष ने कहा आखिरकार आशंकाएं सही साबित हुईं वित्त मंत्री अरुण जेटली।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में गिरावट के पीछे नोटबंदी के प्रभाव के मुद्दे पर केन्द्र सरकार जहां अपने बचाव में तर्क पेश कर रही हैं वहीं कांग्रेस व दूसरी विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले की जमकर आलोचना कर रहे हैं।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज चौथी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में गिरावट के पीछे नोटबंदी का प्रभाव होने की बात को नकारते हुए कहा कि वैश्विक हालात समेत कई अन्य कारण भी जीडीपी वृद्धि दर में गिरावट का कारण हैं।

सरकार जीडीपी की विफलता से ध्यान हटाने की कर रही है कोशिश : राहुल

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज जीडीपी की वृद्धि दर में गिरावट पर सरकार की निंदा करते हुए कहा कि सरकार इसकी विफलता से ध्यान हटाने के लिए दूसरे मुद्दे खड़े कर रही है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘गिरती जीडीपी दर, बढ़ती बेरोजगारी। हर दूसरा मुद्दा इन मूलभूत विफलताओं से हमारा ध्यान भटकाने के लिए खड़ा किया गया है।''

उन्होंने अपने ट्वीट के साथ एक खबर भी संलग्न की जिसके मुताबिक देश ने दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का तमगा खो दिया है, ऐसा चौथी तिमाही में जीडीपी की वृद्धिदर गिरकर 6.1 तक होने के बाद हुआ।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बड़े करेंसी नोटों के विमुद्रीकरण को ‘‘वैध लूट और ऐतिहासिक विफलता'' करार दिया था और भविष्यवाणी की थी कि इससे जीडीपी में 2 फीसदी की गिरावट आएगी।

कहा था नोटबंदी से विकास दर प्रभावित होगी : चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम ने गुरुवार को कहा कि उनकी देश की अर्थव्यवस्था की धीमी विकास दर की भविष्यवाणी सही थी और नोटबंदी ने इसे और भी बदत्तर बना दिया।

चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, "मैंने कहा था नोटबंदी से देश की विकास दर 1 से 1.5 फीसदी प्रभावित होगी। अर्थव्यवस्था की रफ्तार जुलाई 2016 से धीमी पड़नी शुरू हो गई थी।"

ममता ने आखिरकार आशंकाएं सही साबित हुईं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार की आज आलोचना की और उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बारे में उनकी आशंकाएं सही साबित हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर नौकरियों में कमी हो रही है तथा कृषि और असंगठित क्षेत्र ‘‘खराब स्थिति'' में है।

ममता ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘जब केंद्र सरकार ने विमुद्रीकरण की घोषणा की थी तो मैंने अपनी चिंता जताई थी कि इसके कारण देश को नौकरियों में भारी कमी और उत्पादकता में बड़े पैमाने पर कमी का सामना करना पड़ेगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘चौथी तिमाही के आंकडों में जीडीपी दर 6.1 प्रतिशत पर आ गई। पिछली बार यह 7.9 फीसदी थी इसलिए करीब दो फीसदी की कमी आई है।''

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि आठ नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद किए जाने से पहले भी अर्थव्यवस्था में मंदी के लक्षण दिखाई दिए थे।

मोदी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर मीडिया से मुखातिब जेटली ने कहा, ‘‘सात-आठ प्रतिशत की वृद्धि दर वृद्धि का एक अच्छा स्तर है और भारतीय मानकों के हिसाब से तर्कसंगत है जबकि वैश्विक मानकों के हिसाब से यह अच्छी वृद्धि है।''

कल जारी किए गए जीडीपी आंकडों के अनुसार जनवरी-मार्च में जीडीपी वृद्धि दर घटकर 6.1 प्रतिशत रह गई जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में यह 7.1 प्रतिशत थी जो पिछले तीन वर्षों का न्यूनतम स्तर है।

सरकार के सामने चुनौतियों की बात करते हुए जेटली ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में फंसे हुए कर्ज की समस्या से निपटना और अर्थव्यवस्था में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ाना बड़ी चुनौतियां हैं।

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साथ ही घाटे से जूझ रही सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के निजीकरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में नीति आयोग नागर विमानन मंत्रालय को अपनी सिफारिशें पहले ही दे चुका है, मंत्रालय को विभिन्न विकल्प तलाशने होेंगे।

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