सबको खुश करने वाला नहीं होगा आम बजट 2018 : प्रधानमंत्री मोदी 

सबको खुश करने वाला नहीं होगा आम बजट 2018 : प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नयी दिल्ली (गांव कनेक्शन/भाषा)। भारत में मोदी सरकार का आम बजट 2018 एक फरवरी को पेश किए जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि, आगामी आम बजट 2018 कोई लोकलुभावन बजट नहीं होगा, सरकार सुधारों के अपने एजेंडे पर ही चलेगी। मोदी ने कहा कि भारतीय जनता को फ्री की मिली चीजों का लोभ नहीं रहता है। इस बार आम बजट सभी को खुश करने वाला नहीं होगा। मोदी ने कहा, दुनिया का "आकर्षक गंतव्य" बन गया है।

समाचार चैनल 'टाइम्स नाऊ' के साथ एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यह मात्र एक धारणा है कि लोग मुफ्त की चीजें और छूट चाहते हैं। यह पूछने पर कि पहली फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट में क्या वह लोकलुभावन घोषणा करने से बचेंगे तो उन्होंने कहा कि, तय यह करना है कि देश को आगे बढ़ने और मजबूत होने की जरुरत है या इसे "इस राजनैतिक संस्कृति-कांग्रेस की संस्कृति का अनुसरण करना है।"

आम आदमी की इच्छा का पक्ष लेते हुए मोदी ने कहा कि "आम आदमी छूट या मुफ्त की चीज नहीं चाहता है... यह (मुफ्त की चीज की चाहत) आपकी कोरी कल्पना है।" उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के फैसले जनता की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हैं। आम जनता ईमानदार सरकार चाहती है।

नोटबंदी एक बहुत बड़ी सफलता :-

प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान अपनी सरकार की आर्थिक नीतियों का जोरदार बचाव किया। जीएसटी के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार माल एवं सेवा कर में संसोधन के सुझाव पर अमल के लिए तैयार है ताकि इसे अधिक कारगर प्रणाली बनाया जा सके और इसकी खामियां दूर हो।

मोदी ने नोटबंदी और जीएसटी के फैसले की आलोचना के लिए परोक्षतौर पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहाकि ऐसे लोगों ने कालेधन की जमाखोरी और भ्रष्टाचार करने वालों को बचाने का हरसंभव प्रयास किया।

स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की शिखर बैठक के पूर्ण अधिवेशन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह अवसर पाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं।

भारत की प्रगति से संभव हुई ये इज्जत

इस सम्मान को पाने के बारे में जब प्रधानमंत्री मोदी से पूछा गया तो उन्होंने बड़ी बेबाकी से जवाब देते हुए कहा कि यह भारत की प्रगति के कारण संभंव हुआ है। उन्होंने कहा, "भारत ने दुनिया को अपनी शक्ति का परिचय दिया है इसलिए यह स्वाभाविक है कि दुनिया भी भारत के बारे में जानना चाहती है और वह यह जानकारी भारत से (भारत के शासनाध्यक्ष से) सीधे प्राप्त करना चाहती है और उसे समझना चाहती है।"

मोदी ने कहा कि स्वच्छ और स्पष्ट नीतियों के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था फल-फूल रही है और उद्यमी (निवेश का) जोखिम उठाने लगे हैं। भारत बड़े आर्थिक अवसरों का देश और वैश्विक निवेश का आकर्षक गंतव्य बन गया है।

देश से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

बजट वित्त मंत्री का काम

यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी सरकार 2019 के आम चुनाव से पहले किए जा रहे अंतिम पूर्णबजट को लोकलुभावन बजट बनाएगी तो उन्होंने कहा कि यह मामला वित्त मंत्री के दायरे में आता है और वह (मोदी) इस काम में हस्ताक्षेप नहीं करना चाहते। साथ ही उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने मुझे गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखा है वो जानते हैं कि सामान्य जन इस तरह की चीजों (लोकलुभान) की अपेक्षा नहीं करता... यह एक मिथक (कोरी कल्पना) है।

फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top