सरकारी बैंकों का निजीकरण राजनीतिक रूप से स्वीकार्य नहीं : अरुण जेटली

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   24 Feb 2018 3:43 PM GMT

सरकारी बैंकों का निजीकरण राजनीतिक रूप से स्वीकार्य नहीं : अरुण जेटलीवित्त मंत्री अरुण जेटली।

नयी दिल्ली। हीरा व्यापारी नीरव मोदी से जुड़े पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के बाद से एक बार फिर से बैंकों के निजीकरण की मांग ने जोर पकड़ा है, पर आज वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की संभावना से साफ-साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण को राजनीतिक रूप से स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इकनॉमिक टाइम्स ग्लोबल बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पीएनबी घोटाले के बाद काफी लोगों ने निजीकरण की बात शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा, इसके लिए बड़ी राजनीतिक सहमति की जरूरत है। साथ ही बैंकिंग नियमन कानून का भी संशोधन करना पड़ेगा। मुझे लगता है कि भारत में राजनीतिक रूप से इस विचार के पक्ष में समर्थन नहीं जुटाया जा सकता। यह काफी चुनौतीपूर्ण फैसला होगा।

उद्योग मंडल फिक्की के अध्यक्ष राशेष शाह ने शुक्रवार को वित्त मंत्री से मुलाकात कर चरणबद्ध तरीके से बैंकों के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह कहा था। शाह ने कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र में सिर्फ दो-तीन बैंक होने चाहिए। नीरव मोदी द्वारा पीएनबी से घोटाला किए जाने के बाद से निजीकरण की मांग उठने लगी है।

उद्योग मंडल एसोचैम ने भी सरकार से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 50 प्रतिशत से कम पर लाने को कहा है। कुछ उद्योगपतियों ने भी बैंकों के निजीकरण का समर्थन किया है। गोदरेज समूह के आदि गोदरेज का कहना है कि निजी क्षेत्र के बैंकों में धोखाधड़ी बिलकुल नहीं होगी या बहुत कम होगी। बजाज समूह के प्रमुख राहुल बजाज भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के पक्ष में हैं।

एसोचैम ने कहा, "पीएनबी घोटाला सरकार के लिए एक खतरे की घंटी है कि वह बैंकों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 50 फीसदी से कम कर दे ताकि ये बैंक निजी बैंकों की तरह काम कर सकें। इस स्थिति में अपने हितधारकों और ग्राहकों के हितों की रक्षा की पूर्ण जिम्मेदारी बैंकों की होगी।"

मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) अरविंद सुब्रमण्यम ने सरकारी क्षेत्र के बैंकों में निजी भागीदारी को और बढ़ाने की वकालत की।

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इनपुट भाषा

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