गाय की रक्षा के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, सख्त कार्रवाई करें राज्य सरकारें : मोदी

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   16 July 2017 3:31 PM GMT

गाय की रक्षा के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, सख्त कार्रवाई करें राज्य सरकारें : मोदीसंसद में मानसून सत्र के शुरू होने से पहले एक सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य कई बड़े नेता।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि गाय की रक्षा के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। प्रधानमंत्री ने साथ ही राज्य सरकारों को कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ 'बेहद सख्त' कार्रवाई करने को कहा।

संसद का मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को एक सर्वदलीय बैठक में मोदी ने सांसदों से कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य के अधीन विषय है और इसलिए राज्य सरकारों को गाय के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने संसद भवन में हुई बैठक में मोदी के वक्तव्य के हवाले से संवाददाताओं से कहा, "केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को दिशा-निर्देश भेजे हैं। कानून व व्यवस्था राज्य के अधीन विषय है। इसलिए गाय के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।"

मानसून सत्र में सरकार को घेरने को विपक्ष तैयार, गौ रक्षक और कश्मीर में तनाव होंगे खास मुद्दे

मोदी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल गोरक्षा को सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं और इसका राजनीतिक लाभ उठा रहे हैं, जो देश के हित में नहीं है।

गोरक्षा को सांप्रदायिक रंग देकर राजनीतिक लाभ उठाने की जो दौड़ शुरू हो गई है, वह देश के हित में नहीं है। हर किसी को साथ आकर इसे खत्म करना चाहिए।
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री

अनंत कुमार के मुताबिक, मोदी ने कहा, "देश में गाय की रक्षा के लिए कानून है। लेकिन गोरक्षा के नाम पर अपराध को अंजाम देना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।" विपक्ष ने इस मुद्दे को संसद में उठाने का फैसला किया है।

देश से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

प्रधानमंत्री ने सवर्दलीय बैठक में कहा कि बजट पहले किए जाने के कारण मानसून शुरू होने से पहले ही कुल व्यय का 30 प्रतिशत और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में 49 प्रतिशत की राशि खर्च हो चुकी है।

मानसून सत्र सोमवार से होगा शुरू, 16 नए बिल होंगे पेश, इन विधेयकों के बारे में जानें

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को नहीं बचाया जाना चाहिए। इसके कारण ही राजनीतिक नेताओं की छवि प्रभावित हो रही है। प्रधानमंत्री ने हालांकि कहा कि दोनों पक्षों की ओर से प्रचार के दौरान उच्च स्तर की मर्यादा का पालन किया गया है और किसी तरह की गलत भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए कल मतदान है और इस बारे में उम्मीदवार को लेकर आमसहमति बनती तो अच्छा होता।

उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी मतदान करें और कोई वोट व्यर्थ नहीं जाए, भाजपा नीत राजग ने राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस नीत विपक्षी दलों ने मीरा कुमार को अपना प्रत्याशी घोषित किया है, संख्या बल के हिसाब से कोविंद को बड़ी बढ़त है।

अनंत कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ 9 अगस्त को आ रही है और सभी दलों को इसका उत्सव मनाना चाहिए। मोदी ने जीएसटी लागू करने के लिए सभी को धन्यवाद दिया और इसे सहकारी संघवाद का चमकता उदाहरण बताया।

सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने वालों में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, राकांपा के शरद पवार, माकपा के सीताराम येचूरी, सपा के मुलायम सिंह यादव, भाकपा के डी राजा शामिल हैं. हालांकि जदयू और तृणमूल कांग्रेस से कोई मौजूद नहीं था। तृणमूल कांग्रेस ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह इस बैठक का बहिष्कार करेगी।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Share it
Top