विशेष : खाने का शौक़ीन कम्मू परिवार का लड़का भारत का उप-राष्ट्रपति चुना गया 

विशेष : खाने का शौक़ीन कम्मू परिवार का लड़का भारत का उप-राष्ट्रपति चुना गया नायडू बनें भारत के उप राष्ट्रपति चुने गए 

लखनऊ। सत्तर के दशक में जब भाजपा का पूर्ववर्ती संगठन जनसंघ अपनी पहचान बना ही रहा था और दक्षिण में उसका कोई आधार नहीं था, तब आंध्र प्रदेश का एक युवा पार्टी कार्यकर्ता अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गजों के पोस्टर लगाने में व्यस्त रहता था। जिन्हें आज की तारीख में भारत का उपराष्ट्रपति चुना गया।

वेंकैया नायडू का जन्म 1 जुलाई 1949 को चावटपलेम, नेल्लोर जिला, आंध्र प्रदेश के एक कम्मू परिवार में हुआ था। उन्होंने वी.आर. हाई स्कूल, नेल्लोर से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और वी.आर. कॉलेज से राजनीति तथा राजनयिक अध्ययन में स्नातक किया। उन्होंने आन्ध्र विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की। 1974 में वे आंध्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुये। कुछ दिनों तक वे आंध्र प्रदेश के छात्र संगठन समिति के संयोजक भी रह चुके हैं।

खाने के शौक़ीन है वेंकैया नायडू

वेंकैया मांसाहार के शौकीन हैं लेकिन वज़न घटाने के लिए की गई (बेरिएट्रिक) सर्जरी के बाद वो अल्पाहार लेते हैं। वो चाय या कॉफी नहीं लेते और केवल नमकीन छाछ लेते हैं। वो चपाला पल्लुसु (आंध्र शैली में बनाई गई मछली), सूप, गरलु (दाल से तैयार सामग्री), बुथारेकु (एक मिठाई) बेहद पसंद करते हैं।

कबड्डी के लिए 14 बरस के एक लड़के की मोहब्बत उसे साठ के दशक में आरएसएस की शाखा की तरफ खींच लाई। वेंकैया को आज भी जब समय मिलता है तो वो बैडमिंटन खेलते हैं। वो अक्सर याद करते हैं कि पार्टी के नेता अटल बिहारी वाजपेयी के नेल्लोर आगमन की सूचना देने के लिए वो कैसे घोड़ा-गाड़ी में निकल पड़े थे।

ऐसा रहा है वेंकैया नायडू का राजनीतिक करियर

वेंकैया नायडू शुरु से ही पार्टी के भरोसेमंद रहे हैं। उन्हें 1980 में बीजेपी यूथ विंग और आंध्र प्रदेश विधानसभा का नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था। शुरुआती दौर में वे आंध्र बीजेपी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक थे। नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी के बाद पार्टी ने उनका कद बढ़ाते हुए 1988 में उन्हें आंध्र बीजेपी का अध्यक्ष बना दिया।

1993 से 2000 तक वेंकैया बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव रहे। 2002 में वे पहली बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। वे दिसंबर 2002 तक अध्यक्ष रहे। इसके बाद 2004 में वह दोबारा अध्यक्ष बने। वेंकैया ने नेल्लोर के आंदोलन में हिस्सा लेते हुए विजयवाड़ा के आंदोलन का नेतृत्व किया। 1974 में वे आंध्र विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए।

इसके बाद वह आपातकाल के दौरान जेपी आंदोलन से जुड़े। आपातकाल के बाद ही उनका जुड़ाव जनता पार्टी से हो गया। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। 2002 से 2004 तक उन्हें बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया।

वेंकैया नायडू की पहचान हमेशा एक 'आंदोलनकारी' के रूप में रही है। वे 1972 में 'जय आंध्र आंदोलन' के दौरान पहली बार सुर्खियों में आए। उन्होंने इस दौरान नेल्लोर के आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेते हुये विजयवाड़ा से आंदोलन का नेतृत्व किया। छात्र जीवन में उन्होने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विचारधारा से प्रभावित होकर आपातकालीन संघर्ष में हिस्सा लिया। वे आपातकाल के विरोध में सड़कों पर उतर आए और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। आपातकाल के बाद वे 1977 से 1980 तक जनता पार्टी के युवा शाखा के अध्यक्ष रहे। वर्ष 2002 से 2004 तक उन्होने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का उतरदायित्व निभाया। वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रहे और वर्तमान में वे भारत सरकार के अंतर्गत शहरी विकास, आवास तथा शहरी गरीबी उन्‍मूलन तथा संसदीय कार्य मंत्री रह चुके है।

प्रमुख उतरदायित्व

  • 1973-1974 : अध्यक्ष, छात्र संघ, आंध्र विश्वविद्यालय
  • 1974 : संयोजक, लोक नायक जय प्रकाश नारायण युवजन चतरा संघर्ष समिति, आंध्र प्रदेश
  • 1977-1980 : अध्यक्ष, जनता पार्टी की युवा शाखा, आंध्र प्रदेश
  • 1978-85 : सदस्य, विधान सभा, आंध्र प्रदेश (दो बार)
  • 1980-1985 : नेता, आंध्र प्रदेश भाजपा विधायक दल
  • 1985-1988 : महासचिव, आंध्र प्रदेश राज्य भाजपा
  • 1988-1993 : अध्यक्ष, आंध्र प्रदेश राज्य भाजपा
  • 1993 - सितंबर, 2000 : राष्ट्रीय महासचिव, भारतीय जनता पार्टी, सचिव, भाजपा संसदीय बोर्ड, सचिव, भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति, भाजपा के प्रवक्ता
  • 1998 के बाद : सदस्य, कर्नाटक से राज्यसभा (तीन बार)
  • 1 जुलाई 2002 से 30 सितंबर 2000 : भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री
  • 5 अक्टूबर 2004 से 1 जुलाई 2002 : राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
  • अप्रैल 2005 के बाद : राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
  • 26 मई 2014 : शहरी विकास और संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री
  • 5 अगस्त 2017 भारत के तेरहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए।

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