युवाओं के लिए कर्नाटक में बन रहा है ‘स्टार्टअप कोस्ट’ 

युवाओं के लिए कर्नाटक में बन रहा है  ‘स्टार्टअप कोस्ट’ स्टार्टअप इंडिया लोगो। 

नई दिल्ली (भाषा)। कर्नाटक में स्टार्टअप इकाइयों को बढावा देने के लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। इसके तहत राज्य के पश्चिमी तट पर आधुनिक नवप्रवर्तन केंद्र, इनक्यूबेशन सेंटर व छोटे मोटे सुधार के लिये प्रयोगशालाओं का विकास किया जा रहा है। इससे स्टार्टअप उद्यमियों के लिये पूरा ढांचा एक जगह उपलब्ध हो सकेगा। यह अपनी तरह की ऐसी पहली परियोजना है जिसका आंशिक वित्त पोषण सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड) के अंतर्गत किया जा रहा है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने एमपीलैड का उपयोग करते हुए परियोजना शुरु की है। इसके तहत स्टार्टअप के लिये पूरा ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा। निर्मला कनार्टक से राज्यसभा सदस्य हैं। पहले यह परियोजना मैंगलोर को देश का पहला स्टार्टअप जिला बनाने के लिये शुरु की गयी थी। इसे अब उत्तरी कर्नाटक तक विस्तार किया गया है। इसमें उडुपी और कारवार जिले शामिल हैं। इसे अब 'स्टार्टअप कोस्ट' के नाम से जाना जाता है और अगले दो साल में पूरा ढांचा स्थापित हो जाएगा।

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मंत्री ने पीटीआई भाषा से कहा, ''क्षेत्र में भारी संख्या में प्रतिभा की मौजूदगी के साथ मुझे भरोसा है कि उपयुक्त परिस्थिति में एक मजबूत नवप्रवर्तन : स्टार्टअप व्यवस्था पश्चिमी कर्नाटक में फल-फूल सकती है।'' उन्होंने कहा, ''कर्नाटक से सांसद होने के नाते, मैं सुनिश्चित करने का प्रयास करुंगी कि मैं इसके लिए जरुरी बुनियादी और अन्य जरुरती सुविधाओं के विकास में मदद कर सकूं। यह भारत में 'स्टार्टअप कोस्ट' को आकार देने की दिशा में पहला कदम होगा।''

उभरते उद्यमियों को मिलेगा बेहतर लाभ

इस पहल के तहत मैंगलोर में उभरते उद्यमियों के लिये 100 सीटों वाला कामकाज का साझा स्थल, दो नवप्रवर्तन केंद्र, कालेज स्तर पर करीब पांच इनक्यूबेशन सेंटर तथा स्कूलों में 20 से 30 छोटे छोटे सुधार करने में सक्षम प्रयोगशालाएं होंगीं। 'अटल इनोवेशन मिशन' के तहत इस 'स्टार्टअप कोस्ट' के स्कूलों में 'अटल टिंकरिंग लैबोरेटरीज' (छोटे सुधार की प्रयोगशालाएं) स्थापित की जाएंगी। विभिन्न स्कूलों ने इसके लिये नीति आयोग में आवेदन किए हैं।

सुरतकल में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी तथा एनआईटीटीई यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आने वाला एनएमएएम इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी में नवप्रवर्तन केंद्र स्थापित होंगे। इन केंद्रों के लिये वाणिज्य मंत्रालय की टीम आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर अशोक झुनझुनवाला की मदद ले रही है।

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