... और जब एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आ गईं दो मोनो ट्रेन, फिर क्या हुआ

... और जब एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आ गईं दो मोनो ट्रेन, फिर क्या हुआआमने सामने मोनो रेल

मुंबई। मुंबई कं चेंबूर इलाके में मोनो रेल से सफर करने वाले यात्री एक बड़ी दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। दरअसल, एक ही ट्रैक पर दो मोनोरेल आमने-सामने से आ गई। हादसे में मोनो रेल सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं।

हालांकि, पूरी घटना पर मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने सफाई देते हुए कहा है कि यह गलती से नहीं हुआ। MMRDA के मुताबिक, 'यह तकनीकी गड़बड़ी थी। एक ट्रेन में खराबी आ गई थी और उसे हटाने के लिए दूसरी ट्रेन भेजी गई थी।'

सूत्रों के मुताबिक, तकनीकी त्रुटि के चलते दोनों ट्रेन एक-दूसरे के नजदीक आ गई। दोनों एक-दूसरे से टकरातीं, इससे पहले ही दोनों को रोक दिया गया। हादसे के बाद एक रैक का पावर सिस्टम ठप पड़ गया। इसलिए उसे दूसरी ट्रेन के जरिये खींचकर ले जाया गया।

देश में अपनी पहली तरह की है यह सेवा

देश में मुंबई मोनोरेल अपने तरह की पहली सेवा है और इसकी शुरुआत 2014 में की गई। मुम्बई मोनोरेल, देश में पहली ऐसी सेवा का उद्घाटन 2014 में हुआ, और चेंबूर से वडाला तक 8.93 किलोमीटर के रास्ते पर चलाया गया।

पहले भी हो चुके हैं दो हादसे

मोनोरेल शुरू होने से पहले भी इस ट्रैक पर दो हादसे हो चुके हैं। जून 2011 में 60 टन का एक बीम मजदूरों पर आ गिरा था। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसी तरह जुलाई 2012 में हुए एक अन्य हादसे में वडाला के शांतिनगर झुग्गी बस्ती इलाके में सीमेंट का एक खंड आ गिरा था, जिसके नीचे दबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि छह लोग घायल हो गए थे।

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