UP Board Result 2017: बच्चों को तनाव से बचाने के लिए ध्यान रखें ये बातें

Karan Pal SinghKaran Pal Singh   9 Jun 2017 9:11 AM GMT

UP Board Result 2017: बच्चों को तनाव से बचाने के लिए  ध्यान रखें ये बातें10वीं और 12वीं का रिजल्ट upresults.nic.in वेबसाइट पर जारी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट आज जारी हो रहा है। 10वीं और 12वीं का रिजल्ट upresults.nic.in वेबसाइट पर जारी होगा। हर बार की तरह इस बार भी कुछ छात्रों बहुत अच्छे नंबर मिलेंगे तो कुछ छात्रों का रिजल्ट निराशाजनक हो सकता है, लेकिन हमें इस निराशा से बचना है और हौसला बनाए रखना है।

रिजल्ट खराब होने का मतलब जिंदगी बर्बाद होना नहीं होता। पूरी जिंदगीभर हमें नए मौके मिलते रहते हैं। आज यूपी बोर्ड 12वीं और 10वीं के रिजल्ट आ रहे हैं ऐसे में छात्रों की धड़कनें बढ़ना और दिमाग अशांत होना स्वभाविक है लेकिन इससे निपटने के भी तरीके हैं। आगे पढ़ें, एक्सपर्ट के मुताबिक कैसे निपटे इस टेंशन भरे माहौल से-

माता-पिता को बढ़ाना चाहिए हौसला

विशेषज्ञों की मानें इस माहौल में सिर्फ छात्र ही नहीं बल्कि माता-पिता को भी कुछ सावधानियां अपनानी चाहिए। उन्हें बच्चे से बुरे रिजल्ट के बारे में बात नहीं करना चाहिए। बल्कि बच्चे का हौसला बढ़ाना चाहिए चाहे रिजल्ट कैसा भी हो।

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हालत चिंताजनक मनोवैज्ञानिक की लें सलाह

अगर बच्चा तनाव में दिखे या जान देने जैसी बातें करे तो घरवालों को चाहिए कि वह तुरंत मनोवैज्ञानिक (साइकोलॉजिस्ट) की सलाह लें। या काउंसलर के पास जाएं।

किसी भी तरह का न बनाएं दबाव

अभिभावक अपने बच्चे को सबसे अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं और इसलिए वह चाहते हैं उनका बच्चा परीक्षाओं में सबसे अच्छा करे। यही कारण है कि पैरेंट्स अपने बच्चों पर सबसे अच्छा करने का दबाव बनाते हैं। लेकिन एक शोध में सामने आया है कि यह दबाव कई बार ज्यादा हो जाता है जो बच्चे के करियर पर विपरीत असर डालता है। इसलिए पैरेंट्स को चाहिए कि परीक्षाओं और रिजल्ट के दौरान बच्चों पर किसी प्रकार का अनावश्यक दबाव न बनाएं।

मई-जून में बच्चों का रखें ध्यान

मई-जून का महीना रिजल्ट के नाम रहता है। वर्षभर की मेहनत का फल बच्चों के सामने आने वाला होता है। ऐसे में तनाव होना स्वभाविक है। कई बार यह तनाव जानलेवा भी हो जाता है। ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वो हर हाल में अपने बच्चे के साथ खड़े हों।

क्या कहते हैँ मनोवैज्ञानिक

मनोवैज्ञानिक डॉ. सारंग घर बताते हैं, “परीक्षाफल खराब होने पर बच्चों के ऊपर किसी भी तरीके का दबाव न बनाएं और न ही उसे इग्नोर करें। बच्चे को आगे बेहतर करने को तैयार करें। माता पिता बच्चों को पूर समय दें ताकि वो अपने आप को अकेला महसूस न करें। अगर बच्चे में किसी भी तरह की कोई भी समस्या दिखे तो तुरंत मनोचिकित्सक की सलाह लें।”

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