मोदी की चाय की दुकान बनेगी पर्यटन केन्द्र, सरकार ने दी मंज़ूरी

मोदी की चाय की दुकान बनेगी पर्यटन केन्द्र, सरकार ने दी मंज़ूरीवडनगर रेलवे स्टेशन।

लखनऊ । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में स्टेशन पर चाय बेचने की ख़बर से खूब सुर्खियाँ बटोरी थीं। भाजपा ने इस ख़बर को खूब भुनाया था, जिसका फायदा उसे लोकसभा चुनाव में हुआ। आज केन्द्र सरकार उस स्टेशन को एक पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी में है। केन्द्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने इस बात की जानकारी दी।

कहां चाय बेचते थे मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बचपन के दिनों में गुजरात के वडनगर स्टेशन में अपने पिता के साथ चाय बेचते थे। बीते रविवार को वडनगर के मेहसाणा में केन्द्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा आए और इस जगह का मुआयना किया। मंत्री महेश शर्मा ने कहा, "मोदी के जन्मस्थान मेहसाणा के वडनगर और चाय का वो स्टॉल, जहाँ मोदी चाय बेचा करते थे; को दुनिया के बड़े पर्यटन केन्द्रों में लाने का बड़ा प्रोजेक्ट है।"

शर्मा ने कहा कि इस स्टॉल के वास्तविक रूप को नहीं बदला जाएगा, लेकिन मॉडर्न रंग देकर इसे लोगों के बीच आकर्षण का केन्द्र बनाया जाएगा। शर्मा ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मस्थान के अलावा गुजरात का वडनगर और भी कई कारणों से प्रसिद्ध है। कुछ ही दूरी पर प्रसिद्ध छिनमस्ता झील भी है। कुछ दिनों पहले ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने उत्खनन के दौरान बुद्ध मठ के अवशेषों की खोज की।"

कितना खर्च करेगी सरकार इस प्रोजेक्ट पर

अहमदाबाद के डिवीज़न रेलवे मैनेजर दिनेश कुमार ने कहा, "केन्द्र सरकार इस प्रोजेक्ट पर लगभग 100 करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी में है जिसमें केवल वडनगर रेलवे स्टेशन ही नहीं, बल्कि मोधेरा और पाटन का भी नवीनीकरण किया जाएगा। फिलहाल पर्यटन मंत्रालय ने रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के लिये 8 करोड़ रुपए प्रस्तावित कर दिये हैं।" शर्मा ने कहा कि रेलवे मंत्रालय ने भी इस प्रोजेक्ट के लिये हामी भर दी है और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट भी दे दिया है।

मोदी के पीएम बनने के बाद कितना बदला वडनगर

गुजरात सरकार में पर्यटन मंत्री गणपत बासवा ने कहा, "नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद वडनगर में पर्यटन के स्तर पर काफी काम हुआ है। भारत ही नहीं, बल्कि विदेशी लोग भी इसे एक पर्यटन केन्द्र के तौर पर पसन्द कर रहे हैं। 2014 के बाद से वडनगर में पर्यटकों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है।"

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी ने अपने चाय बेचने वाले कथन को खूब भुनाया। इस विषय पर कांग्रेस के मणिशंकर अय्यर ने उनका मज़ाक बनाया, जो जनता को बिल्कुल पसन्द नहीं आया। इसके बाद तो मोदी का यह कथन खूब चर्चा में रहा। भाजपा ने चुनाव के दौरान बाकायदा 'चाय पे चर्चा' नाम का कैंपेन भी चलाया।

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