दो साल में बिजली का उत्पादन सात प्रतिशत बढ़ाः पीयूष गोयल

दो साल में बिजली का उत्पादन सात प्रतिशत बढ़ाः पीयूष गोयलgaonconnection

नई दिल्ली (भाषा)। केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले दो साल के दौरान कोयले की मांग में कमी आने की बात से आज इंकार किया और कहा कि इस अवधि में देश में बिजली के उत्पादन में सात प्रतिशत की वृद्धि हुयी है।

गोयल ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल के दौरान देश में सूखे की स्थिति रही जिससे पनबिजली उत्पादन प्रभावित रहा। लेकिन कोयले का उपयोग बढ़ाकर इस कमी को पूरा किया गया। इस दौरान बिजली उत्पादन में 7.03 प्रतिशत की वृद्धि हुयी।

भारत में बिजली उत्पादन सरप्लस होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य जितनी बिजली चाहें, केंद्र उन्हें आपूर्ति करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा जोर घरेलू जरुरतों को पूरा करने के लिए कोयला का उत्पादन बढ़ाकर उसके आयात में कमी लाने पर है। उन्होंने कहा कि पिछले साल ‘थर्मल कोल' के आयात में कमी लाकर 24,000 करोड़ रुपए की बचत की गयी और इस साल इसे बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए करने का लक्ष्य है।

‘कोकिंग कोल' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में इसका उत्पादन कम है जिस वजह से खासी मात्रा में कोकिंग कोल का आयात करना पड़ता है। कोयला के आयात में कथित तौर पर घोटाले होने से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह आरोप पिछले सरकार के कार्यकाल का है और इस मामले में जांच चल रही है।

उन्होंने कहा कि देश भर में किसी भी बिजली घर में कोयले की कमी नहीं है और बिजली घर उत्पादन की लागत में कमी लाने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कोयला के उत्पादन का जिक्र करते हुए कहा कि 2014-15 में देश में 609.18 मिलियन टन उत्पादन हुआ था जो 2015-16 में बढ़कर 638.18 करोड़ टन हो गया। देश के कुल कोयला उत्पादन का करीब 80 प्रतिशत उत्पादन कोल इंडिया लि करती है। गोयल ने बताया कि 2015-16 के दौरान ई-नीलामी के माध्यम से आवंटित कोयले की कुल मात्रा 78.63 मिलियन टन थी।

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