एलियंस हैं या नहीं, गुरूवार को बताएगी नासा 

एलियंस हैं या नहीं, गुरूवार को बताएगी नासा अमेरिकी अंतरिस एजेंसी खोलेजी राज।

एलियंस होते हैं या नहीं इस मुद्दे पर माथापच्ची करना बंद कर दीजिए। खबर है कि अमेरिकन स्पेस एजेंसी नासा खुद इस बारे में गुरूवार यानि 14 दिसंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ऐलान करने वाली है। नासा सुदूर अंतरिक्ष में घूम रही अपनी दूरबीन केप्लर से मिलने वाली तस्वीरों के आधार पर यह खुलासा करेगी। केप्लर 2009 से गहन अंतरिक्ष में स्थित ग्रहों और तारों के फोटो खींच रही है।

नासा की प्रेस रिलीज के मुताबिक, केप्लर स्पेस टेलिस्कोप की टीम को कुछ चौंका देने वाला मिला है। 2009 से जारी अपनी खोज में केप्लर ने धरती के आकार के ऐसे ग्रह खोजे हैं जिनपर जीवन पाए जाने की संभावनाएं हैं। शोधकर्ताओं को भी भरोसा है कि इनमें से किसी न किसी पर जीवन मिल जाएगा।

वैसे हम आपको बता दें कि अगर आप यह मानकर बैठे हैं कि एलियन मतलब, नीले-हरे रंग, तिकोने चेहरे और काली चमकीली आंखों वाले अजीबो-गरीब जीव तो आप गलत भी हो सकते हैं। मुमकिन है कुछ एलियन ऐसे भी हों लेकिन दूसरे ग्रहों पर मौजूद सूक्ष्म जीव भी एलियन यानि परग्रही कहलाते हैं।

2009 से केप्लर ने करीब 2500 ग्रहों की खाक छानी है और उसकी लिस्ट में अभी 2000 ग्रह बाकी हैं। इन्हीें 2500 ग्रहों में से केप्लर को कई ऐसे ग्रह भी मिले जो अपने सौर मंडल में तारों के इतने नजदीक थे कि वहां पानी तरल अवस्था में मौजूद हो सकता है। उम्मीद है कि यह ऐलान इन्हीं ग्रहों के बारे में हो।

वैसे एलियंस को खोजते फिरने वाले एलियन हंटर्स कई दशकों से यह दावा करते आ रहे हैं कि चांद और मंगल की सतह के नीचे एलियन बस्तियां हैं। अंतरिक्ष में स्थित हमारे स्पेस स्टेशनों के आसपास लगातार उड़नतश्तरियां चक्कर लगाती रहती हैं, लेकिन नासा जानबूझकर यह राज आम जनता से छिपाती रहती है। इन लोगों का आरोप है कि अमेरिका और दूसरे ताकतवर देशों की सरकारें नहीं चाहतीं कि लोगों को पता चले कि संसार में उनसे ताकतवर शक्तियां भी अस्तित्व में हैं, क्योंकि ऐसा होने पर लोगों का सरकारों पर से भरोसा उठ सकता है ऐसे मे शांति-व्यवस्था को खतरा पैदा हो जाएगा।

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