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बाल वैज्ञानिकों ने बनाया बिजली खपत घटाने का यंत्र

मसूद तैमूरी

इटावा। विद्युत की अनावश्यक खपत को कम करने के लिये जनपद के बाल वैज्ञानिकों ने एक ऐसा काम्बो सर्किट बॉक्स बनाया है, जिसमें घरों व दुकानों पर लगे बोर्डस के अंदर लगी हुई लाइटों एवं रोड व मोहल्लों में लगी स्ट्रीट लाइट से इस उपकरण को जोड़कर विद्युत ऊर्जा की खपत को न केबल कम करने की बल्कि विद्युत को बचाने के लिये लोगों को एक नया और आसान तरीका बाल वैज्ञानिकों ने प्रदान किया है।

यह कारनामा किया है शहर के प्रतिष्ठित संत विवेकानंद पब्लिक स्कूल के बाल वैज्ञानिकों ने। इन छात्रों की कामयाबी पर स्कूल के प्रधानाचार्य व अध्यापकों के अलावा जनपद के लोगों ने भी हर्ष जताते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। इन बाल वैज्ञानिकों में मयंक दुबे, तनीशा अग्रवाल, वर्तिका सिंह, रोहन पाठक एवं नेनसी यादव शामिल हैं जिन्होंने अपने मार्गदर्शक शिक्षक अविनाश भदौरिया के सानिध में अपने प्रोजेक्ट को पूरा किया है। इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक कांग्रेस में भी शामिल किया जायेगा।

बाल वैज्ञानिकों ने इस काम्बो सर्किट बॉक्स में दर्शाया है कि सुबह के वक्त यदि सूर्य की रोशनी पड़ती है तो जल रहीं लाइट खुद बंद हो जाती हैं और दूसरी ओर यदि अंधेरा होता है तो ये स्वत: ऑन हो जाती हैं। इस काम्बो सर्किट को जनपद के महत्वपूर्ण स्थानों पर जहां बिजली बर्वाद हो रही थी उन स्थानों पर प्रयोग किया जा सकता है। इन बाल वैज्ञानिकों ने शहर के पक्का तालाब, नौरंगाबाद चौराहा, फ्रेंड्स कॉलोनी सहित कई स्थानों पर जाकर इस कम्बो सर्किट का उपयोग किया। साथ ही, फ्रेंड्स कॉलोनी, नुमाइश चौराहा आदि स्थानों पर जाकर दुकानदारों को अत्याधिक विद्युत खपत को लेकर तथा वर्तमान एवं भविष्य में बिजली से उत्पन्न होने वाली समस्याओं की प्रति चिन्ता जता कर वहां के लोगों को काम्बो सर्किट बॉक्स अपनाने के लिये जागरूक किया।

इन बाल वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किया गया काम्बो सर्किट बॉक्स की सफलता पर संत विवेकानंद पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डा. आनंद ने बच्चों की परिश्रम की सराहना करते हुए इन बाल वैज्ञानिकों का उत्साह वर्धन किया उन्होंने बाल वैज्ञानिकों के लिये स्कूल स्तर पर एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया। छात्रों की इस उपलब्धि पर कॉलेज के चेयरमैन विवेक यादव ने भी सभी को बधाई दी है।