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दिल्ली सहित चार शहरों में भूख हड़ताल करेंगे न्यायमूर्ति कर्णन 

कोलकाता (भाषा)। कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सीएस कर्णन दिल्ली और तीन अन्य शहरों में भूख हड़ताल करेंगे। वह भूख हड़ताल के जरिए मांग करेंगे कि उनके प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्य बहाल किए जाएं और उनके खिलाफ स्वत: शुरू की गई अवमानना कार्यवाही वापस ली जाए।

न्यायमूर्ति कर्णन के वकील डब्ल्यू पीटर रमेश कुमार ने कहा, ‘न्यायमूर्ति कर्णन ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के सामने या रामलीला मैदान में भूख हड़ताल करने का फैसला किया है, यह मिलने वाली अनुमति पर निर्भर करेगा।' उन्होंने कहा, ‘न्यायमूर्ति कर्णन के प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्य की बहाली' की मांग के साथ अनशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आठ फरवरी 2017 से ही कर्णन के प्रशासनिक व न्यायिक कार्यों पर रोक है। कुमार ने मदुरै से बताया, ‘न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ स्वत: शुरू की गई अवमानना कार्यवाही को वापस लेने और उनके खिलाफ जारी किया गया वॉरंट वापस लेने की मांग के साथ अनशन किया जाएगा।' अनशन में यह मांग भी की जाएगी कि न्यायमूर्ति कर्णन को मुआवजे के तौर पर 14 करोड़ रुपए दिए जाएं।

बीते 16 मार्च को उच्चतम न्यायालय की सात सदस्यों वाली पीठ को लिखे एक पत्र में भी न्यायमूर्ति कर्णन ने मुआवजे के तौर पर 14 करोड़ रुपए मांगे थे। वकील ने बताया कि दिल्ली से पहले न्यायमूर्ति कर्णन चेन्नई, कोलकाता और लखनऊ में भूख हड़ताल करेंगे। कुमार ने बताया, ‘चेन्नई में तमिलनाडु के राज्य सचिवालय फोर्ट सेंट जॉर्ज के सामने, कोलकाता में कलकत्ता उच्च न्यायालय के पास राज भवन के सामने और लखनऊ में लखनऊ यूनिवर्सिटी के सामने भूख हड़ताल की जाएगी।' वकील ने बताया कि भूख हड़तालों की तारीखें अभी तय नहीं की गई हैं।