आप अगर चाहते हैं कि आनी वाली पीढ़ी को पर्याप्त खाना मिले, तो ये 7 चीजें खानी बंद करनी होंगी

आप अगर चाहते हैं कि आनी वाली पीढ़ी को पर्याप्त खाना मिले, तो ये 7 चीजें खानी बंद करनी होंगीबढ़ती आबादी को खाना उपलब्ध कराना हमारे लिए बड़ी चुनौती बनने वाली है।

नई दिल्ली। अगले तीन दशक में मानव आबादी लगभग 2.5 अरब तक बढ़ने के लिए तैयार है। बढ़ती आबादी को खाना उपलब्ध कराना हमारे लिए बड़ी चुनौती बनने वाली है। हमारे बीच पहले से ही कुछ ऐसे आइडियाज हैं जिनपर अमल कर हम खाने की समस्या से निजात पा सकते हैं। पृथ्वी पर सिमित संसाधन हैं, बेहतर तरीके से हम इनका उपयुक्त प्रयोग कर सकते हैं। ऐसे में हमे ये जानना होगा कि किन खाद्य और पेय पदार्थों के प्रयोग को हमे बंद कर देने चाहिए। विदेशों में हुए कई शोध और सर्वे के मुताबिक ये फसलें कुछ इस तरह से पानी की खपत करती हैं, जिस तरह दुनिया में पानी घट रहा है ऐसे में इन फसलों और इऩ खाद्य पदार्थों के बारे सोचने की जरुरत पड़ सकती है।

1-बीफ

जब बहुमूल्य संसाधनों को बर्बाद करने की बात आती है, तो पशु उत्पादों में सबसे ऊपर बीफ आता है। मवेशियों को खिलाने के लिए जिस जमीन का प्रयोग किया जाता है अगर वहां फलियां लगाई जाएं तों वो 10 से 20 गुना अधिक प्रोटीन प्रदान कर सकती है। 1 किलो बीफ़ का उत्पादन करने के लिए 15,000 लीटर पानी की आवश्यकता होती है, यह चिकन के लिए तीन गुना से अधिक है और गेहूं के एक किलो के लिए 18 गुना ज्यादा है। न्यू साइंटिस्ट डॉट कॉम पर प्रकाशित खबर के अनुसार 1 किलो बीफ़ के लिए 25 किलोग्राम चारे की जरूरत पड़ती है।

2-झींगा

समुद्री भोजन में अधिक ऊर्जा होती है लेकिन उनकी तुलना में झींगा कमजोर है। नॉर्वेजियन अटलांटिक सैल्मन को एक किलोग्राम मछली प्रदान करने के लिए सिर्फ 1.15 किलो खाने की ज़रूरत है जबकि झींगा को इसका दोगुना खाना चाहिए होता है। ऐसे में हमे अपनी थाली से झींगा को दूर करना पड़ेगा।

3-नट्स

नट्स की फसलों को बहुत ज्यादा पानी की आवश्यकता पड़ती है। कैलिफोर्निया में बादाम उत्पादन में राज्य का 10 प्रतिशत पानी खर्च होता है। प्रत्येक नट की पैदावार को 4 से 5 लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है। अखरोट, काजू और पिस्ता के साथ भी यही स्थिति है। चेस्टनट्स पानी बचाने का बेहतर विकल्प है।

4-फ्राइज़

ब्रिटेन में खराब होने खाद्य व्यंजनों में लगभग 10 प्रतिशत आलू होता है। सबसे व्यर्थ व्यंजनों में आलू आता है। फ्राइज़ खासकर खराब होते हैं क्योंकि तैयार होने के बाद अगर 5 या 10 मिनट में वे नहीं बिकते तो फास्ट फूड रेस्त्रां उन्हें फेंक देते हैं। इसके अलावा फ्राइंग के लिए वसा का उत्पादन करने वाली जमीन अधिक कैलोरी दे सकती है अगर इसके बजाय वहां सब्जियां उगाई जाती है।

5-कॉफी

कॉफी की अपेक्षा चाय के उत्पादन को ज्यादा जगह चाहिए होती है लेकिन कॉफी के और भी नुकसान हैं। एक कप कॉफी के लिए कॉफी प्लांट को 550 कप पानी की आवश्यकता होती है। फैंसी फ्लेवरिंग्स इस नुकसान को बढ़ा देता है। जायफल के एक ग्राम उत्पादन के लिए लगभग 35 लीटर पानी की खपत होती है। वेनिला जायफल की तुलना में दो गुना पानी लेता है। अन्य मसाले जैसे दालचीनी, सौंफ और लौंग भी ज्यादा पानी लेते हैं।

6-केला

सभी फलों और सब्जियों में केले सबसे अधिक उर्वरक का सेवन करते हैं, जितना आधा टन नाइट्रोजन, फॉस्फेट और प्रति हेक्टेयर में पोटाश। हम इन उर्वरकों को अधिक अच्छी फसलों पर उपयोग करके अधिक लोगों के लिए खाद्य पदार्थों की पैदावार कर सकते हैं। मिस्र के किसान केले की खेती के लिए करीब 30 गुना ज्यादा नाइट्रोजन का प्रयोग करते हैं।

7-चॉकलेट

चॉकलेट भी पानी को बर्बाद करने वालों में से एक है। चॉकलेट के 100 ग्राम बार का उत्पादन करने के लिए लगभग 2000 लीटर की आवश्यकता होती है। इतने पानी के प्रयोग में 20 सेब या 50 कटोरा स्ट्रॉबेरी का उत्पादन किया जा सकता है। यदि आप चॉकलेट पसंद करते हैं और बढ़ती हुई मानव आबादी के खाने के लिए भी चिंतित हैं तो फैसला आपके हाथ में है।

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