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यही वो अखबार है जिसने छह माह पहले कहा था 500-1000 रुपए के नोट बंद हो जाएंगे

राजकोट (गुजरात) (भाषा)। शहर के एक सांध्य अखबार ने अप्रैल फूल दिवस पर अपने पाठकों के लिए एक व्यंग्य छापते हुए कहा कि सरकार पांच सौ रुपए और एक हजार रुपए के नोट बंद कर देगी और सरकार ने जब से इन्हें अमान्य करार दिया है तब से इसके पास काफी संख्या में फोन आ रहे हैं।

सांध्य अखबार अकीला को अब इतने फोन आ रहे हैं कि वह परेशान है और उसे लोगों को बताना पड रहा है कि यह महज अप्रैल फूल पर व्यंग्य था। यह व्यंग्य एक अप्रैल 2016 को प्रकाशित हुआ था और मंगलवार की रात को सरकार के निर्णय के बाद सोशल मीडिया पर यह वायरल हो गया।

यह वो गुजराती अखबार जिसने अपने एक अप्रैल के संस्करण में लिखा था कि सरकार 500 रुपए व 1000 रुपए को बंद करने जा रही है।

अखबार के मालिक और संपादक किरीत गनात्रा ने कहा, ‘‘हमने एक अप्रैल को व्यंग्य के रूप में खबर प्रकाशित की थी कि 500 रुपए और एक हजार रुपए के नोट अमान्य हो जाएंगे। यह महज संयोग है कि खबर छह महीने बाद सच साबित हो गई।''

गुजरात में प्रथा है कि अप्रैल फूल दिवस पर हर अखबार एक व्यंग्य प्रकाशित करता है।