ज्ञानी चाचा की सलाह : कीटनाशकों के छिड़काव के समय रखें इन बातों का ध्यान

लखनऊ। फसलों की सुरक्षा के लिए कीटनाशकों के छिड़काव के समय अगर सावधानी न बरती गई तो किसानों की जान तक जा सकती है। ऐसे में किसान कुछ सावधानी बरतकर बचाव कर सकते हैं। ज्ञानी चाचा और भतीजा के भाग में ज्ञानी चाचा अपने भतीजे को कीटनाशक के छिड़काव के समय बरतने वाली सावधानियों के बारे में बता रहे हैं।

दोपहर के समय न करें छिड़काव

इसके साथ ही दोपहर में दवाओं का छिड़काव न करें और जब हवा चल रही तो भी दवाइयों का छिड़काव न करें। सुबह शाम को ही करें क्योंकि दोपहर में मधुमक्खियों का मूवमेंट होता है, ये बाते ध्यान में रखकर आप न केवल खुद को सुरक्षित रख सकते हैं बल्कि पर्यावरण को भी सुरक्षित रख सकते हैं।


इन बातों का भी रखें ध्यान

कीटनाशक का प्रयोग करते समय यह देख लेना चाहिए कि उपकरण में लीकेज तो नहीं है। कभी भी कीटनाशक उपकरण पर मुंह लगाकर घोल खींचने का प्रयास नहीं करना चाहिए। तरल कीटनाशकों को सावधानी पूर्वक उपकरण में डालना चाहिए और यह ध्यान रखना चाहिए कि यह शरीर के किसी अंग में न जाए। अगर ऐसा होता है तो तुरन्त साफ पानी से कई बार धोना चाहिए।


कीटनाशक प्रयोग के बाद सावधानियां

बचे हुए कीटनाशक को सुरक्षित भण्डारित कर देना चाहिए। इसके रसायनों को बच्चों, बूढ़ों और पशुओं की पहुंच से दूर रखें। कीटनाशकों के खाली डिब्बों को किसी अन्य काम में नहीं लेना चाहिए। उन्हें तोड़कर मिट्टी में दबा देना चाहिए। कीटनाशक छिड़कने के बाद छिड़के गए खेत में किसी मनुष्य या जानवरों को नहीं जाने देना चाहिए।

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