गन्ना क्रय केंद्रों पर धीमी पड़ी तौल की रफ्तार

गन्ना क्रय केंद्रों पर धीमी पड़ी तौल की रफ्तारगाँव कनेक्शन

बाराबंकी। जिले में गन्ना क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हो गई है। ढुलाई वाहनों की कमी के चलते गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल की रफ्तार धीमी है जिससे किसान अपनी गन्ना लदी ट्रैक्टर ट्रालियां एवं डनलप केंद्र पर खड़े रखने के लिए मजबूर हैं वहीं क्रय केंद्रों पर जरूरी सुविधाओं का भी अभाव है।

फतेहपुर तहसील क्षेत्र के गन्ना केंद्र दुर्गापुर नौबस्ता विकास खंड सूरतगंज के कुरेलवा और डफरपुर सहकारी गन्ना विकास समिति बुढ़वल द्वारा संचालित हैं। गन्ना क्रय केंद्र प्रारंभ होने के बाद इन क्रय केंद्रों का जायजा लिया गया तो कई अव्यवस्थाएं सामने आईं। जिला मुख्यालय से पूर्व-उत्तर दिशा में लगभग 22 किमी दूर क्रय केंद्र दुर्गापुर नौबस्ता पर दर्जनों गन्ना लदी ट्रालियां एवं डनलप खड़े थे।

तौल लिपिक अनिल कुमार से जानकारी करने पर उन्होंने बताया, "ढुलाई ट्रक अभी नहीं आया है उसके आने पर ही तौल शुरू होगी अभी तक कुल 25 सौ क्विंटल खरीद हुई है रसीद प्रिंट करने वाली मशीन का रिबन पुराना होने के चलते रसीद पर अंकित विवरण पढऩे में नहीं आ रहा था वहीं रसीद पर गन्ने की दर व कुल मूल्य भी नहीं अंकित किया जा रहा है जिससे दर को लेकर किसानों में असमंजस की स्थिति है।" चौकीदार कल्लू ने बताया, "उन्हें प्रकाश व्यवस्था के लिए टार्च एवं माप उपकरणों को जंजीर से बांधने के लिए ताला अभी तक नहीं मिला है पुआल पर सोते हैं तखत एवं पेयजल व्यवस्था नहीं है एक किलोमीटर दूर नल से पानी लाते हैं। केंद्र पर मात्र एक कुर्सी और छोटी सी मेज उपलब्ध है।"

हेतमापुर रोड पर स्थित कुरेलवा क्रय केंद्र के तौल लिपिक सीताराम यादव ने बताया, "कुल 2159 क्विंटल खरीद हुई है इस केंद्र पर भी गन्ना लेकर आने वाले किसानों एवं स्टाफ  के लिए पेयजल, टार्च, तखत एवं फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है ढुलाई वाहन की कमी यहां भी नजर आई।" क्रय केंद्र डफरपुर का भी हाल यही है, यहां भी ढुलाई वाहन न होने के चलते खरीद जल्दी बंद हो जाती है जबकि दर्जनों गन्ना लदी ट्रालियां एवं डनलप केंद्र के बाहर खड़े रहते हैं। तौल लिपिक सुनील सिंह ने बताया, "पांच दिसंबर से अभी तक कुल 153.35 क्विंटल खरीद हुई है।" गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ना तौलाने आये किसान भूरेलाल का कहना है, "पिछले वर्ष मार्च से पहले हुई खरीद का डिफर चार्ज 11.40 पैसे और मार्च के बाद का 30.40 पैसे प्रति क्विंटल का भुगतान नहीं हुआ है। 

इसके साथ ही गन्ने की फसल में पायरिला बीमारी के चलते उपज भी कम हुई है तथा ढुलाई वाहन पर्याप्त संख्या में न होने के चलते तौल में भी समय लग रहा है। जिससे काफी दिक्कतें आ रही हैं।" इस संबंध में सुपरवाइजर अरोवद शर्मा ने बताया, "ढुलाई वाहन पर्याप्त संख्या में हैं। रही केंद्र पर सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तो अभी शुरूआत हुई है शीघ्र ही व्यवस्था पटरी पर आ जायेगी।"

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