जानवरों के साथ जानवर बनने की सज़ा: 50 रुपए जुर्माना

जानवरों  के साथ जानवर बनने की सज़ा: 50 रुपए जुर्मानाGaon Connection

लखनऊ। जानवरों के साथ इंसान का जानवर बनना तेज़ी से बढ़ता जा रहा है।

पिछले दिनों लखनऊ में ग्रामीणों ने कई बार की तरह खाने में बारूद छुपा कर खेत में डाल दिया जिससे एक गाय बुरी तरह घायल हो गयी। बाद में उसकी मृत्यु हो गयी। दिल्ली में एक कुत्ते के भौंकने के नाराज एक शराबी ने उसके पांच बच्चों पर तेजाब फेंक दिया। इससे पहले बंगलुरु में एक महिला ने मादा कुत्ते को सबक सिखाने के लिए उसके आठ बच्चों को उनकी माँ के सामने मार डाला था। इसी महीने देहरादून में एक  भाजपा विधायक ने तथाकथित तौर पर पुलिस के घोड़े शक्तिमान की टांग तोड़ डाली। एक व्यक्ति ने गाय के साथ रेप तक किया। 

ऐसे न जाने कितने बेजुबान हैं, जिनको हर रोज इंसानी क्रूरता का सामना करना पड़ता है। लोग देखते हैं, उफ़ करते हैं लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। कुत्ता, बिल्ली, घोड़ा समेत कई जानवरों पर क्रूरता के मामले सामने आए हैं।

सोशल मीडिया पर रोज़ ऐसे विडियो मिलते हैं जिन में युवा मज़े के लिए निरीह जानवरों के साथ निर्मम व्यवहार करते हैं। इसके अलावा घोड़ों और अन्य शावकों के साथ बेरहमी, भैसों को ठूंस-ठूंस के ट्रकों में ले जाना ये सब ऐसी रोज़मर्रा की बातें बन गयी हैं कि इन पर ध्यान ही नहीं जाता

देहरादून में घोड़े का पैर टूटने के मामले को छोड़ दें तो अक्सर ऐसे आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाती। दरअसल पशु क्रूरता कानून ही इतना कमजोर कि लोगों में इसका खौफ़ नहीं है। 

नियमत: सताने, पीटने, ठोकर मारने, कोई अंग तोड़ देने, अत्यधिक सामान लादने, हद से ज्यादा सवारी करने या बैठाने, जहर खिलाने, घाव करने के आरोप में पशु कू्ररता का निवारण अधिनियम 1960 के तहत आरोपी पर कार्रवाई का प्रवाधान है। इसके तहत दस रुपए से लेकर पचास रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि वही व्यक्ति तीन साल के भीतर फिर किसी पशु के साथ यही दरिंदगी करता है तो अधिनियम के तहत 25 रुपए न्यूनतम से लेकर 100 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

पशु प्रेमी इस कानून और इसके प्रावधानों को मजाक मानते हैं। दिल्ली में रहने वाले पशुप्रेमी अभिषेक जोशी कई वर्षो से पशुओं के लिए काम कर रहे है। अभिषेक बताते हैं, “दिल्ली में आए दिन पशुओं के साथ होने वाली कू्ररता के मामले सामने आते हैं, लेकिन इन पर इतना ध्यान नहीं दिया जाता है क्योंकि इन पर कोई भी सख्त कानून नहीं बने हुए है। होली पर एक शराबी ने पांच कुत्तों के बच्चों पर शराब डाल दी जिसमें तीन मर गए और दो की हालत अभी तक खराब है और आरोपी को कुछ नहीं हुआ। ऐसे ही शक्तिमान घोड़े के साथ हुआ उसकी टांग कट गई और आरोपी 50 रुपए में छूट गया।

यदि कोई व्यक्ति महज मनोरंजन के लिए किसी मूक जानवर के साथ दरिंदगी करेगा, पैसा कमाने के उद्देश्य से उसकी दूसरे जानवर से लड़ाई करवाएगा, निशानेबाजी प्रतियोगिता में बतौर निशाना उसे रखेगा तो आरोपी को सौ रुपए जुर्माना और तीन माह की सजा का प्रावधान है। 

जानवरों के लिए लड़ाई लड़ने वाली संस्था पीपुल फॉर एनिमल्स की कार्यकर्ता गौरी मौलेखी कहती हैं, “जब इस अधिनियम को बनाया गया था तब 50 रुपए की कीमत थी। अब यह कानून इतना कमजोर है कि इसमें सिर्फ 50 रुपए का जुर्माना लगता है, वो भी तब जब आरोपी साबित हो जाए। इस अधिनियम को दोबारा बनाने के लिए हम लोगों वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को पत्र लिखकर दरर्खास्त किया है कि इस कानून को बदला जाए।” 

भारत में भले ही कानून लचर हो लेकिन विदेशों में पशु क्रूरता के तहत बलात्कार और हत्या जैसी सजा मिलती है। अभिषेक बताते हैं, “विदेशों में अगर पशुओं के साथ कोई कू्ररता करता है तो उसको वहां के बने कानून के तहत पांच साल की सजा और जुर्माना भरना होता है। इसके साथ पशुओं के साथ करने वाले आरोपियों को रेपिस्ट, मर्डर की श्रेणी में डालकर सजा दी जाती है। विदेशों में जैसे कानून बने हुए अगर उनको यहां पर बना दिया जाए तो काफी हद तक पशु कू्ररता को रोका जा सकता है।” गाय और उसके मांस को लेकर देश में सियासी बवाल मचा लेकिन गौ तस्करों के मामलों पर पाबंदी नहीं लग पाई। पशुओं में होने वाली तस्करी के मामले में उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के सचिव डॉ. पी.के.त्रिपाठी बताते हैं, “पशुओं को ट्रक में ठुस-ठुसकर भरना भी पशु कू्ररता के अंतर्गत आता है। कोई भी पशु तस्करी का ट्रक पकड़ा जाता है तो उन पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं होती है इसलिए पशु तस्करी लगातार बढ़ रही है। अगर इनके लिए कड़े कानून सजा और जुर्माना बढ़े तो लोग पशुतस्करी करने से घबराए। पेपरों में हर रोज पशु तस्करी के मामले सामने आते है।” 

हाथी को सताने वालों का समर्पण

वायनाड (भाषा) एक हाथी और उसके बच्चे पर पत्थर फेंकने वालों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

सभी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। स्थानीय अदालत ने चारों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। घटना 26 मार्च की है और किसी ने मोबाइल फोन से इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो में चार लोग हाथी और उसके बच्चे पर पत्थर फेंक रहे हैं और हंस रहे हैं। गुस्साया हाथी जब उनकी ओर भागा तो वे अपनी कार में बैठ कर फरार हो गए।

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