देश में अनाज भंडारण क्षमता की कमी नहीं : एफसीआई 

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   18 May 2017 12:33 PM GMT

देश में अनाज भंडारण क्षमता की कमी नहीं : एफसीआई गाँव कनेक्शन

नई दिल्ली (भाषा)। देश में इस साल रिकार्ड खाद्यान्न उत्पादन होने के अनुमानों के बीच भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने कहा है कि अनाज रखने के लिए जगह की कोई कमी नहीं है और उसकी कुल भंडारण क्षमता 773 लाख टन तक पहुंच चुकी है।

एफसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि अनाज खरीद के लिए धन की भी कोई कमी नहीं है और पर्याप्त कोष उपलब्ध है।

खाद्य मंत्रालय ने अप्रैल से शुरू रबी विपणन वर्ष 2017-18 के दौरान 330 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है जबकि पिछले साल 2015-16 में 229.61 लाख टन खरीद की गयी थी। एफसीआई एवं राज्यों की विभिन्न एजेंसियों ने चालू विपणन सत्र में 15 मई तक लगभग 278.01 लाख टन गेहूं खरीद कर ली है।

रबी मौसम का विपणन सत्र अप्रैल से शुरू होकर मार्च तक होता है लेकिन मुख्य तौर पर खरीद कार्यक्रम लगभग जून में ही पूरा हो जाता है, इसी प्रकार खरीफ मौसम का विपणन सत्र अक्तूबर से शुरू होकर अगले साल सितंबर तक चलता है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘देश में अनाज भंडारण सुविधा की कोई कमी नहीं है, एफसीआई तथा राज्य सरकार की एजेंसियों की कुल भंडारण क्षमता मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में 772.93 लाख टन तक पहुंच गयी है।'' इन भंडारण सुविधाओं में एफसीआई के खुद के गोदामों और अन्य भंडारण सुविधाओं के साथ राज्यों की सरकारी एजेंसियों के भंडारगृह शामिल हैं।

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एफसीआई के अनुसार कुछ भंडार गृह किराए पर भी लिए गए हैं जिनकी कुल क्षमता 198.50 लाख टन है। एफसीआई आंकडों के मुताबिक खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 (अक्तूबर-सितंबर)) में 15 मई तक चावल की खरीद 359.24 लाख टन हो चुकी है जो इससे पिछले विपणन सत्र में 342.18 लाख टन थी।

इसके अलावा निगम ने सरकार के 20 लाख टन दलहन बफर स्टाक के लिए पिछले खरीफ सत्र में लगभग 3 लाख टन दाल की भी खरीद की। अनाज की खरीद के लिए कोष के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा, ‘‘कोष को लेकर पहले कुछ समस्या जरुर हुई थी लेकिन अब कोई कमी नहीं है।''

उन्होंने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2016-17 के आखिर में हमें सरकार से 45,000 करोड़ रुपए का कर्ज ट्रेजरी बिलों की दर पर मिला है, यह कर्ज हमें 5 साल के लिए दिया गया है।’’

अनाज सड़ने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने दावा किया, ‘‘इस प्रकार की रिपोर्ट सही जानकारी नहीं होने के कारण आती हैं. हमारे जो भी गोदाम और भंडारण सुविधाएं हैं, वहां अनाज का रखरखाव उम्दा तरीके से होता है, ऐसे में सड़ने की बात पूरी तरह गलत है।''

उल्लेखनीय है कि सरकार के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार फसल वर्ष 2016-17 (जुलाई-जून) में कुल खाद्यान उत्पादन रिकार्ड 27.34 करोड़ टन रहने का अनुमान है जो 2015-16 में 25.16 करोड़ टन था। इसमें चावल 10.91 करोड़ टन जबकि गेहूं 9.74 करोड़ टन रहने का अनुमान है।

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