मोदी के नेतृत्व में हुए दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन

मोदी के नेतृत्व में हुए दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजनगाँव कनेक्शन

चंडीगढ़ (भाषा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर 30,000 से अधिक लोगों के साथ योग अभ्यास किया और मधुमेह जैसी बीमारियों का प्राचीन आध्यात्मिक पद्धति से इलाज कराने पर जोर दिया।

सफेद रंग की टी शर्ट, ट्राउजर और स्कार्फ पहने मोदी ने यहां स्थित कैपिटल कॉम्प्लेक्स में कड़ी सुरक्षा के बीच, दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आयोजनों के लिए रक्षा बलों के कर्मियों और स्कूली बच्चों सहित 30,000 से अधिक प्रतिभागियों का नेतृत्व किया। बीती रात यहां पहुंचे प्रधानमंत्री ने यहां लोगों के साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल के व्यापक प्रदर्शन में हिस्सा लिया। मोदी स्वयं भी योग करते हैं और आयोजन के दौरान उन्होंने लोगों के साथ आसन किए।

आयोजन में हिस्सा लेने के लिए आए 30,000 से अधिक लोग हर आयु वर्ग के थे। इनमें से करीब 10-10 हजार लोग क्रमश: चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा से आए थे। इन लोगों ने गुलाबी और नीले रंग की चटाइयों पर योग आसन किए। इसके अलावा चंडीगढ़ में 100 से अधिक अन्य जगहों पर भी करीब 10,000 लोगों ने योग किया।

इससे पहले, लोगों को संबोधित कर रहे मोदी मधुमेह का इलाज योग से करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘इस सार्वजनिक मंच से मैं योग से संबद्ध प्रशिक्षकों से अनुरोध करना चाहता हूं। अगले साल से जब हम योग दिवस मनाएं, उससे पहले इस एक साल में आप वह करते रहें जो योग के लिए करते हैं लेकिन एक विषय पर ध्यान दें और यह मेरा विषय है, मधुमेह और योग।''

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘योग क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को, अपनी जानकारी के साथ अपनी बाकी की योग गतिविधियां जारी रखनी चाहिए लेकिन मुख्य फोकस यही (मधुमेह) होना चाहिए।'' मधुमेह से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ने पर चिंता जाहिर करते हुए मोदी ने योग प्रशिक्षकों से इस बीमारी पर नियंत्रण करने में मदद करने के लिए कहा।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में, मधुमेह से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हम इस बीमारी से छुटकारा पा भी सकते हैं और नहीं भी लेकिन योग की मदद से मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। क्या हम मधुमेह से पीड़ित आम आदमी को योग में वर्णित उपाय बताने का सार्वजनिक अभियान शुरु कर सकते हैं?'' उन्होंने कहा, ‘‘यदि हम मधुमेह के उपचार में मदद कर सकें तो यह एक उपलब्धि होगी। अगले साल से, हम किसी अन्य बीमारी को ले सकते हैं। लेकिन मैं चाहता हूं कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमें हर साल किसी भी एक बीमारी को उठाना चाहिए। किसी एक बीमारी से निपटने के उद्देश्य के साथ हमें एक सार्वजनिक अभियान चलाना चाहिए।''      

उन्होंने कहा कि योग सिर्फ बीमारी से छुटकारा पाने का तरीका नहीं है, यह तंदुरुस्ती भी सुनिश्चित करता है। जीवन के सर्वांगीण विकास के लिए योग एक बढ़िया माध्यम है। मोदी ने कहा, ‘‘आज हम दूसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं, भारत ने दुनिया को अमूल्य विरासत दी है। दुनिया ने इसे अपने तरीके से स्वीकार किया है। आज भारत सरकार की ओर से मैं दो पुरस्कारों की घोषणा कर रहा हूं। अगले साल जब 21 जून को योग दिवस मनाया जाएगा, तब भारत से दो पुरस्कारों के लिए चयन होगा।''

मोदी ने कहा, ‘‘एक पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। यह उन लोगों के लिए होगा, जिन्होंने योग के क्षेत्र में शानदार काम किया है। दूसरा पुरस्कार उन लोगों के लिए होगा, जो इस क्षेत्र में देश के भीतर काम कर रहे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय योग पुरस्कार है और दूसरा राष्ट्रीय योग पुरस्कार है।'' योग करने के बाद प्रधानमंत्री ने समारोह में आए लोगों से बातचीत की। इनमें से कुछ लोगों ने तो उनके साथ सेल्फी भी ली। उन्होंने इस समारोह में शामिल होने वाले विक्लांग लोगों से भी मुलाकात की।

योग समारोह में भाग लेने वाले प्रतिभागियों में रक्षा बलों के कर्मी, आईटीबीपी के जवान, पंजाब सशस्त्र पुलिस के जवान, पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र और स्कूली छात्र शामिल थे। इस बड़े आयोजन में योग आसन करने के लिए प्रतिभागी नीले और सफेद रंग की टीशर्ट और काले रंग के ट्राउजर पहनकर सुबह जल्दी ही आयोजन स्थल पर पहुंच गए थे। इस प्रमुख आयोजन में इस साल मुख्य जोर दिव्यांगों (विकलांग लोगों) की भागीदारी पर था। प्रधानमंत्री मोदी ने विकलांगता का सामना कर रहे लोगों के लिए यह शब्द शुरु किया है।

केपिटल कॉम्पलेक्स में लगभग 150 दिव्यांगों को योग आसन करने में मदद की गई। अधिकारियों ने कहा कि सहज प्रदर्शन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। केपिटोल कॉम्पलेक्स को आठ ब्लॉकों में बांटा गया था, जहां 500 कुशल प्रशिक्षकों ने अपनी टीम के सदस्यों के साथ आसन किए।

आयोजन स्थलों पर एलईडी की कई स्क्रीनें लगाई गई थीं। आयोजन स्थल पर 300 जैव शौचालय और 30 हजार चटाइयों की व्यवस्था थी। आयोजन स्थल की निगरानी के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस अवसर पर 5000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैन्य बलों के जवानों को तैनात किया गया था। निजी वाहनों को आयोजन स्थल तक जाने से रोका गया था।

पंजाब और हरियाणा के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इस समारोह मं  मौजूद थे।

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