प्याज निर्यात में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी

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नई दिल्ली (भाषा)। प्याज की बिक्री से प्राप्त होने वाली आय के बढ़ने से वर्ष 2015-16 के पहले 11 महीनों में भारत के प्याज का निर्यात 33 प्रतिशत बढ़कर 2,362 करोड़ रुपए हो गय है।

राष्ट्रीय बागवानी शोध एवं विकास फाउंडेशन (एनएचआरडीएफ) द्वारा जुटाए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015-16 के पहले 11 महीनों में भारत का प्याज निर्यात 9,80,566 टन का हुआ, जो पूर्व वित्तवर्ष की समान अवधि में 9,70,442 टन रहा था।

आंकड़ों में दिखाया गया है कि मूल्य के संदर्भ में निर्यात बढ़कर 2,362 करोड़ रुपए का हो गया जो इससे पिछले साल की समान अवधि में 1,771 करोड़ रुपए का हुआ था जिसका कारण बिक्री से प्राप्त आय का बढ़ना है।

वर्ष 2015-16 में औसत मूल्य प्राप्ति 28,215 रुपये प्रति टन की हुई जो वर्ष 2014-15 में 18,507 रुपए प्रति टन थी। पिछले वर्ष बेमौसम बरसात के कारण कम उत्पादन की स्थिति में कीमतों के आसमान छूने के बाद सरकार ने जून के महीने में न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) बढ़ाकर 425 डॉलर प्रति टन कर दिया था और उसके बाद अगस्त में इसे बढ़ाकर 700 डॉलर प्रति टन कर दिया।

पिछले वर्ष प्याज की कीमतों के लड़खडाने के बाद दिसंबर में सरकार ने निर्यात बढ़ाने के लिए इसके एमईपी को समाप्त कर दिया था। एमईपी वह दर है जिससे नीचे किसी व्यापारी को निर्यात करने की अनुमति नहीं दी जाती है। भारत ने वर्ष 2014-15 में 2,010 करोड़ रुपए मूल्य के 10,86,072 टन प्याज का निर्यात किया था।

फसल वर्ष 2014-15 में प्याज का उत्पादन 189 लाख टन का हुआ। फसल वर्ष 2015-16 में 206 टन प्याज के उत्पादन का अनुमान है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश देश में तीन शीर्ष प्याज उत्पादक राज्य हैं। मौजूदा समय में प्याज की कीमत राष्ट्रीय राजधानी के खुदरा बाजार में 20 से 25 रपये प्रति किलो है।

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