भूकंप की बात कर लोगों को डरा रहे राहुल : नकवी

भूकंप की बात कर लोगों को डरा रहे राहुल : नकवीकेंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी। फाइल फोटो

रामपुर (भाषा)। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि ‘‘भूकंप' संबंधी कांग्रेस उपाध्यक्ष की टिप्पणी लोगों को ‘‘भयभीत'' करने के लिए थी। उन्होंने लोगों से नोटबंदी के फैसले के खिलाफ विपक्षी पार्टी द्वारा फैलाए गए जा रहे सभी ‘‘दुष्प्रचारों'' से बचाव करने का आग्रह किया।

नकवी ने कहा कि राहुल गांधी ने नौ दिसंबर को दावा किया था कि अगर उन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति दी गयी तो ‘‘भूकंप'' आ जाएगा, लेकिन कांग्रेस नेता ने अभी तक अपने बयान पर स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

संसद का समय बर्बाद किया विपक्ष ने

भाजपा नेता ने यहां कहा, ‘‘अगर राहुल विभिन्न सार्वजनिक मंचों से उन्हीं मुद्दों पर बोलते हैं तो भूकंप नहीं होगा।'' उन्होंने कहा कि ना तो राहुल गांधी और ना ही उनके सहयोगियों ने सदन में उनके गुप्त एजेंडे के बारे में एक शब्द कहा तथा शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में सिर्फ हो-हल्ला किया।

उन्होंने कहा, ‘‘भूकंप की बात कर राहुल सांसदों, सत्ता पक्ष और लोगों को भयभीत करना चाहते थे ताकि सरकार अपनी लोकोन्मुखी योजनाओं को रेखांकित नहीं करे।'' उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने नौ दिसंबर को कहा था कि अगर उन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति दी गयी तो भूकंप आ जाएगा।

जनता कांग्रेस के दुष्प्रचार से सतर्क रहे

संसदीय कार्य राज्य मंत्री नकवी ने कहा कि 2014 के चुनावों में हार के बाद फिर से मजबूती हासिल करने के लिए कांग्रेस को कुछ ‘‘सकारात्मक और ठोस'' योजना बनानी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वह देश को बताए कि वह उच्च मूल्य वाले नोटों को अमान्य किए जाने के खिलाफ क्यों है तथा उसने 28 दिनों तक क्यों लोकसभा को बाधित किया। उन्होंने लोगों से कहा कि वे पार्टी द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचारों से सतर्क रहें।

नकवी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर संसद में बहस नहीं कर ‘‘अपना कालाधन छिपाना'' चाहती है। उन्होंने कांग्रेस से कहा कि अपने को लोकतंत्र के रक्षक के रूप में साबित करने के लिए वह अपना सकारात्मक कार्यक्रम घोषित करने का साहस दिखाए। ले. जनरल बिपिन रावत को अगला थलसेना प्रमुख नियुक्त किए जाने के सरकार के फैसले की कांग्रेस द्वारा आलोचना किए जाने पर नकवी ने कहा कि यह फैसला देश की सुरक्षा संबंधी हितों को ध्यान में रखकर किया गया।

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