जानें प्रधानमंत्री ने गाँवों के लिए क्या विशेष घोषणाएं कीं

Ashish DeepAshish Deep   31 Dec 2016 8:19 PM GMT

जानें प्रधानमंत्री ने गाँवों के लिए क्या विशेष घोषणाएं कींप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नव वर्ष की पूर्व संध्या पर शनिवार को अपने विशेष संबोधन में गाँवों के लिए कई विशेष घोषणाएं कीं।

-प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दो नई योजनाओं की घोषणा

-नौ लाख रुपये तक के कर्ज पर ब्याज दर में चार प्रतिशत छूट

-12 लाख रुपये तक के कर्ज पर 3 प्रतिशत ब्याज छूट मिलेगी

-रबी फसल में भारी नुकसान के पूर्वानुमान के बावजूद रबी फसल की बुआई में छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है, खाद की बिक्री में नौ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

-सरकार छोटे व्यावसायियों के दो करोड़ रुपये तक कर्ज की गारंटी लेगी। इससे पहले यह सीमा एक करोड़ रुपये तक के कर्ज की थी

इससे पहले प्रधानमंत्री ने बैंकों से कहा कि उनके पास जो बड़ी राशि आयी है उनसे वे गरीबों, निम्न वर्ग और मध्यम वर्गों पर केन्द्रित कार्यक्रमों पर ध्यान दें। बैंक अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों द्वारा गंभीर अपराध करने के मामले सामने आये हैं, किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा।

उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण ने काला धन, आतंक, मानव तस्करी तथा जाली मुद्रा को गहरी चोट पहुचाई है। यह अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे आम आदमी के अधिकारों की रक्षा करें और बेईमानों को अलग थलग करें।

अवैध संपत्ति रखने वाले नहीं बचेंगे

प्रधानमंत्री ने कहा कि अवैध संपत्ति रखने वालों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा लेकिन सरकार की प्राथमिकता है कि ईमानदारों को संरक्षण मिले और उनकी कठिनाइयां कम हों। उन्होंने कहा कि ताजुब्ब की बात है कि केवल 24 लाख लोगों ने अपनी आय दस लाख रुपये से अधिक होने की घोषणा की है। प्रणाली में नकदी और नकदीविहीन होने के बीच संतुलन कायम करना होगा। समान आकार वाली अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था में नकदी प्रचलन गैर अनुपातिक रुप से अधिक था जिससे महंगाई बढ़ी। लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को बैंकिंग प्रणाली को सामान्य रूप से बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं, खासतौर से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में। मुझे पता है कि लोगों को अपना पैसा निकालने के लिए कतारों में खड़े होना पडा लेकिन लोग भ्रष्टाचार , काला धन और जाली मुद्रा के खिलाफ लड़ाई में एक कदम भी पीछे नहीं हटना चाहा।

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