केरल मॉडल की तर्ज पर यूपी के 18 जिलों में समूह की महिलाएं बनाएंगी पुष्टाहार, हर ब्लॉक में यूनिट लगने की शुरू हुई प्रक्रिया

नौनिहालों को तंदुरुस्त बनाने वाले पुष्टाहार के पैकेट अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बनाएंगी। केरला मॉडल को लेकर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और बाल विकास एवं पुष्टाहर विभाग के बीच एक समझौता हुआ है। यूपी के 18 जिले के सभी ब्लॉक में यूनिट लगने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है।

Ajay MishraAjay Mishra   21 Aug 2020 1:35 PM GMT

केरल मॉडल की तर्ज पर यूपी के 18 जिलों में समूह की महिलाएं बनाएंगी पुष्टाहार, हर ब्लॉक में यूनिट लगने की शुरू हुई प्रक्रिया

कन्नौज। केरल मॉडल की तर्ज पर जल्द ही यूपी में भी पुष्टाहार बनेगा। नौनिहालों को तंदुरुस्त बनाने वाले पुष्टाहार के पैकेट स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बनाएंगी। सूबे के 18 जिलों का चयन हो गया है, हर ब्लॉक में यूनिट लगने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और बाल विकास एवं पुष्टाहर विभाग के बीच इसका करार हुआ है।

राज्य ग्रामीण आजीविका ग्राम्य विकास मिशन निदेशक सुजीत कुमार ने जारी किए पत्र में कहा है कि 'स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से पुष्टाहार बनाया जाएगा। हर ब्लॉक में यूनिट लगेंगी। जिसमें 15-20 इच्छुक समूह की महिलाओं का चयन किया जाएगा।' आगे लिखा है कि 'इसके बाद माइक्रो एंटर प्राइजेज का गठन कर जिला उद्योग केंद्र, एमएसएमई उद्योग आधार में पंजीकरण होगा। माइक्रो एंटर प्राइजेज को एसोसिएशन ऑफ पर्सन/बॉडी इन्डीविजुअल भी बनाया जा सकता है। एसोसिएशन ऑफ पर्सन यानि एओपी में नाम, पता, आधारकार्ड की सूचनाएं दर्ज होंगी।' सभी समान होने की बात कही गई है। साथ ही महिलाओं व प्राइजेज के लिए पैन भी अप्लाई किया जाएगा और जीएसटी में पंजीकरण भी होगा।


कन्नौज जिले के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक राकेश मौर्य बताते हैं, "पुष्टाहार बनाने की यूनिट लगाने के लिए कागजी व लीगल प्रोसेस चल रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में रजिस्ट्रेशन को लेकर कई दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पुष्टाहार बनाने के लिए लोकल स्तर से माल खरीदा जाएगा, इसका टेंडर निकाला जाएगा। वेंडर के माध्यम से रॉ मैटेरियल पहुंचेगा।"

"यहाँ के आठों ब्लॉक क्षेत्र में यूनिट लगाने के लिए अस्थाई तौर पर जगह चिंहित कर ली गई हैं। स्टेट से इंजीनियर आएंगे और मुआयना करेंगे। उसके बाद ही यूनिट लगाने को फाइनल रूप दिया जाएगा। केरला की तर्ज पर समूह की महिलाएं पुष्टाहार बनाएंगी। आने वाले समय में चयनित महिलाओं को केरला का विजिट कराया जाएगा। वहां जानकारियां भी दी जाएंगी, " राकेश मौर्य ने बताया।

यूनिट लगाने के लिए पांच हजार स्क्वायर फिट जगह की जरूरत होगी। एक यूनिट लगाने में करीब 20 लाख रुपए का खर्च आएगा। तीन कमरों का होना जरूरी है। महिलाओं के आने जाने, रहने, काम करने की पर्याप्त सुविधा हो। रोड के किनारे की जगह को प्राथमिकता दी जायेगी।

कन्नौज जिले की प्रभारी डीपीओ नीलम कटियार ने बताया, "फोन से हमें सूचना मिली है कि समूह की महिलाएं पुष्टाहार बनाएंगी। अधिकारियों ने इसको लेकर जानकारी भी मांगी थी।"

जिला प्रबंधक मिशन की माने तो एनआरएलएम व आईसीडीसी के बीच तीन साल के लिए साझेदारी हुई है। आगे ये अनुबंध बढ़ता रहेगा। यूनिट के काम को जिम्मेदारी से करने व उसका शेयर देने के लिए हर महिला को 15,000 रुपए भी जमा करने होंगे। भविष्य में जब वह काम छोड़ेंगी या अन्य कारण होगा तो यह धनराशि वापस की जाएगी। जिला प्रबंधक ने बताया कि सात ब्लॉकों में समूह की महिलाओं का गठन व चयन हो गया है। ब्लॉक तालग्राम में महिलाओं को तैयार किया जा रहा है।

यूपी के इन जिलों में समूह की महिलाओं को मिलेगा काम

यूपी में केरला मॉडल की शुरुआत अलीगढ़, अम्बेडकरनगर, औरैया, बागपत, बांदा, चंदौली, इटावा, बिजनौर, फतेहपुर, गोरखपुर, कन्नौज, खीरी, लखनऊ, मैनपुरी, मिर्जापुर, प्रयागराज, सुल्तानपुर व उन्नाव में होगी।

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