उत्तर प्रदेश में एक साल बाद फिर से खुले प्राथमिक स्कूल, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ होगी बच्चों की पढ़ाई

उत्तर प्रदेश में एक साल बाद फिर से खुले प्राथमिक स्कूल, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ होगी बच्चों की पढ़ाई

उत्तर प्रदेश में लगभग एक साल बाद प्राथमिक स्कूल फिर से खुल गए हैं। कोरोना महामारी के भारत में पांव पसारने के बाद ही 13 मार्च, 2020 को राज्य के स्कूलों को बंद कर दिया गया था। लेकिन अब धीरे-धीरे इन स्कूलों को फिर से खोला जा रहा है। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के बाद राज्य सरकार ने सोमवार, एक मार्च से प्राथमिक स्कूलों को भी फिर से खोलने का निर्णय लिया है। हालांकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना प्रोटोकाल के अन्य नियमों और दिशानिर्देशों का पूर्णतया पालन किया जाएगा।

सूबे के मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने राजधानी लखनऊ के नरही स्थित एक प्राथमिक स्कूल का दौरा कर फिर से स्कूलों को खोले जाने का औपचारिक ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से बात की और उन्हें चॉकलेट देकर फिर से स्कूलों में स्वागत किया। उन्होंने बच्‍चों से सोशल डिस्टेंसिंग और कोव‍िड प्रोटोकॉल के पालन करने की अपील की और कहा कि शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी इसे सख्ती से सुनिश्चित कराएं। इस दौरान इस स्कूल की एक छात्रा रूपली कुमारी ने मुख्यमंत्री से कहा कि उन्हें 11 साल 22 दिन के एक लंबे समय के बाद वापिस फिर से स्कूल आकर बहुत अच्‍छा लग रहा है।


कब-कब, किन-किन कक्षाओं के चलेंगे स्कूल?

कोरोना गाइलाइन और सोशल डिस्टेंसिंग के प्रोटोकॉल के तहत अलग-अलग दिनों पर अलग-अलग कक्षाओं की क्लास चलेंगी, ऐसा निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। जहां सोमवार और बृहस्पतिवार को कक्षा एक और कक्षा पांच की कक्षाएं चलेंगी, वहीं मंगलवार और शुक्रवार को कक्षा दो और चार की कक्षाएं चलेंगी। वहीं बुधवार व शनिवार को कक्षा तीन की कक्षाओं को संचालित करने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। ये कक्षाएं सुबह नौ से तीन बजे तक चलेंगी।

क्या हैं सोशल डिस्टेंसिंग के अन्य नियम

सभी छात्रों को स्कूल में मास्क लगाना जरूरी है, वहीं उन्हें कम से कम 6 फीट की दूरी पर बिठाए जाएगा। इस दौरान विद्यालयों को खेल कूद और अन्य किसी भी तरह के आयोजनों से बचना होगा। विद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों की नियमित जांच की व्यवस्था की जाएगी और किसी की भी हालत संदिग्ध लगने पर उसे तत्काल आइसोलेट किया जाएगा। इसके लिए विद्यालय और उसके आसपास स्वास्थ्यकर्मी, नर्स और डाक्टर की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। कोरोना पॉजिटव मिलने पर पूरे स्कूल को कम से कम 10 दिनों के लिए बंद किया जाएगा।

विद्यालयों में शौचालय, दरवाजे, कुंडी, सीट और कक्षाओं के सैनिटाइजेशन का बहुत ध्यान रखा जाएगा और नियमित साफ-सफाई की जाएगी। स्कूलों में बच्चों के पीने के लिए साफ पानी की व्यवस्था हगी, वहीं बच्चों को किसी से भी खाना ना साझा करने की हिदायत दी गई है। किसी भी बाहरी वेंडर को विद्यालय के अंदर खाद्य सामग्री बेचने की अनुमति नहीं है। बच्चों को विद्यालय बुलाने से पहले उनके अभिभावकों की सहमति आवश्यक है। बच्चों के घर वाले अगर उन्हें विद्यालय नहीं भेजना चाहते हैं तो उन्हें घर पर ही पढ़ने की अनुमति दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है।

राज्य में सरकारी प्राथमिक स्कूलों के अलावा प्राइवेट और ऐडेड स्कूलों को भी खोले जाने का ऐलान किया गया है और उसके लिए अलग से दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इन स्कूलों से कहा गया है कि जहां तक संभव हो स्कूल में प्रवेश से पहले बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग हो और बच्चों के रिक्शे, बसों आदि की सैनिटाइजेशन अच्छे तरीके से किया जाए।

आपको बता दें कि छठी कक्षा से ऊपर की कक्षाएं राज्य में पहले ही खुल चुकी थीं, अब प्राथमिक स्कूल खोले जा रहे हैं।

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