दक्षिण अफ्रीका की तरह कहीं भारत को भी न भुगतना पड़े ख़ामियाज़ा !

2013 विश्व कप में केन्या को मिला था वॉकओवर, दक्षिण अफ्रीका को देखना पड़ा था बाहर का रास्ता।

Imran KhanImran Khan   22 Feb 2019 1:55 PM GMT

दक्षिण अफ्रीका की तरह कहीं भारत को भी न भुगतना पड़े ख़ामियाज़ा !

लखनऊ। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद क्रिकेट विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच पर ख़तरे के बादल मंडराने लगे हैं। राजनेता से लेकर क्रिकेटर और आम नागरिकों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।

कुछ लोग इसको लेकर पाकिस्तान के पूर्ण बाहिष्कार की मांग कर रहे हैं। टर्बनेटर गेंदबाज हरभजन सिंह ने लोगों की भावनाओं को देखते हुए पाकिस्तान से किसी भी तरह का क्रिकेटिग संबंध ना रखने की अपील की। हालांकि महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इसका विरोध किया।

गावस्कर ने कहा, "वर्ल्ड कप में पाकिस्तान का बहिष्कार करने पर भारत को नुकसान उठाना पड़ सकता है। पाकिस्तान वर्ल्ड कप में आज तक भारत से जीता नहीं है, इसलिए पाकिस्तान के साथ न खेलकर भारत को दो अंकों का नुकसान उठाना पड़ सकता है। हमें विपक्षी टीम को मैदान पर हराकर उसे टूर्नामेंट से बाहर करने के बारे में सोचना चाहिए।"

'भारत को नुकसान'

भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा, "पाकिस्तान को नुकसान तब होगा जब भारत उसके साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलेगा। कई टीमों वाले इवेंट में पाकिस्तान के खिलाफ न खेलकर नुकसान भारत को ही होगा। हालांकि गावस्कर ने आगे का फैसला सरकार पर छोड़ते हुए कहा कि सरकार जो भी फैसला लेगी मैं उसके साथ रहूंगा।

भुगतने पड़ सकते हैं गलत परिणाम: सूत्र

विश्वकप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच बायकॉट करने की स्थिति में आईसीसी बीसीसीआई के खिलाफ कड़ा रुख अपना सकता है। संभवत: आईसीसी, बीसीसीआई पर प्रतिबंध लगाने जैसा बड़ा निर्णय भी कर सकता है। हालांकि विश्व क्रिकेट में भारत की ताकत को देखते हुए ऐसा करना आसान नहीं होगा।

विश्वकप में पाकिस्तान के साथ न खेलें मैच: सूत्र

सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार ने बीसीसीआई को निर्देश दिया है कि भारतीय टीम को वर्ल्डकप-2019 के अंतर्गत पाकिस्तारन के खिलाफ मैच नहीं खेलना चाहिए। सरकार चाहती है कि भारत और पाकिस्ताअन के नॉकआउट दौर में पहुंचने की स्थिति में भी भारत को पाकिस्तारन के खिलाफ मैच नहीं खेलना चाहिए।

हो सकता है यह बदलाव

बीसीसीआई, आईसीसी से वर्ल्डकप-2019 के फॉर्मेट में बदलाव के लिए भी कह सकती है। सूत्रों के अनुसार वर्ल्डकप-2019 के फॉर्मेट में बदलाव के विकल्पक पर भी विचार किया जा रहा है ताकि नॉकआउट राउंड से पहले भारत-पाकिस्ताॉन के बीच मुकाबले की स्थिति पैदा नहीं हो।

टिकट के लिए मिल चुके हैं चार लाख आवेदन

वर्ल्ड कप में 16 जून को भारत और पाकिस्तान के बीच मैच खेला जाएगा। दर्शकों को इस मैच का इंतजार किस कदर है कि आयोजकों को अभी से इस मैच की टिकट के लिए चार लाख आवेदन मिल चुके हैं। जबकि जिस स्टेडियम में यह मैच खेला जाना है उसकी क्षमता मात्र 26 हजार है।

1992 में पहली बार भिड़ी थीं दोनों टीमें

भारत पाकिस्तान के बीच होना वाला मैच क्रिकेट विश्वकप में हमेशा आकर्षण का केंद्र होता है। 1992 में पहली बार दोनों टीमें एक दूसरे से विश्वकप में भिड़ी थीं। दोनों ही देशों के दर्शकों को इस मैच का बेसब्री से इंतजार होता है। हालांकि पाकिस्तान की टीम भारत को एक बार भी विश्वकप में मात देने में नाकाम रही है।

हर बार बाजी टीम इंडिया के हाथ लगी है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंधों की कटुता के बावजूद दोनों देशों के दर्शकों का रुझान इस मैच को लेकर बना हुआ है।

भारत का विश्वकप में कार्यक्रम

विश्व की नंबर दो टीम भारत अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत 5 जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करेगी। इस बार का विश्व कप राउंड रॉबिन के तहत खेला जा रहा है और भारत को इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ भी खेलना होगा। विश्व कप की शुरुआत 30 मई से हो रही है, जहां पहले मैच में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका की टीमें ओवल के मैदान पर आमने-सामने होंगी।

दिग्गजों ने इस पर क्या कहा?

टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री नो कहा, 'टीम इंडिया और पाकिस्तान का मैच पूरी तरह से बीसीसीआई और भारत सरकार पर निर्भर करता है। उन्हें इस बारे में पूरी और सटीक जानकारी है और वह ही अंतिम निर्णय लेंगे। हमारे लिए इस बारे में निर्णय लेना बेहद आसान है। हम वही करेंगे जैसा हमसे करने को सरकार कहेगी।'

वहीं टर्बनेटर गेंदबाज हरभजन सिंह ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच का विरोध किया है। एक टीवी कार्यक्रम में उन्होंने, 'सीधी सी बात है, क्या ज्यादा जरूरी है? क्या देश पहले आता है या भारतीय क्रिकेट? खेल को एक ओर रख दें। पहले हमें दूसरे मुद्दे सुलझाने चाहिए। बात जब देश की आती है तो वर्ल्ड कप बहुत छोटा मुद्दा है। 40 जवान शहीद हो गए। उनकी जान की कीमत कौन चुका सकता है? हमें देश के साथ खड़ा होना चाहिए। अगर इस वजह से हम वर्ल्ड कप 2019 में नहीं भी खेलते तब भी कोई बात नहीं। लोग हमें इसलिए प्यार करते हैं क्योंकि हम भारत के लिए खेलते हैं।'

वहीं पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन भी हरभजन से सहमत दिखें। उन्होंने कहा, 'भारत को पाकिस्तान के साथ सिर्फ द्विपक्षीय सीरीज ही नहीं बल्कि किसी भी स्तर पर नहीं खेलना चाहिए। अगर हम पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेल रहे हैं तो हमें उनके साथ कहीं भी नहीं खेलना चाहिए। मैं हरभजन के साथ सहमत हूं, वर्ल्ड कप देश से बड़ा नहीं हो सकता।'

वहीं क्रिकेटर से नेता बने तेजस्वी यादव ने कहा, 'क्रिकेटर अपने देश के लिए खेलने का काम करते हैं। जैसा कि सुनने में आ रहा है कि टीम से अनुरोध किया जा रहा है कि वर्ल्ड कप में भी पाकिस्तान के साथ नहीं खेलें। मेरे ख्याल से एक चीज समझना पड़ेगी कि जो क्रिकेटर्स होते हैं वो स्पोर्ट्समैन स्पिरिट के साथ खेलते हैं। पुलवामा में जो हुआ उसकी हम घोर निंदा करते हैं और हम इसका जवाब भी चाहते हैं। इसका जवाब दिया जाना चाहिए। लेकिन क्रिकेट को इससे जोड़कर आपस में खेलने न दिया जाए तो मेरे ख्याल से ये उचित नहीं होगा, यह ठीक नहीं है।'

वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, 'जब तक पाकिस्तान अपनी धरती से होने वाले आतंकवाद को नहीं खत्म करता, तब तक उसके साथ क्रिकेट मैच नहीं होना चाहिए। जब तक पाकिस्तान में बैठे आतंक के आका और उनके आतंकी संगठन भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं करते, तब तक पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच नहीं खेला जाना चाहिए।'

भारत-पाक विश्व कप मुकाबले पर अभी कोई फैसला नहीं: सीओए

भारतीय क्रिकेट का काम देख रही प्रशासकों की समिति (सीओए) ने पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप मुकाबले पर अभी तक कोई भी फैसला नहीं लिया है। सीओए ने कहा कि वह आईसीसी के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से अनुरोध करेगा कि ऐसे देश के साथ संबंध तोड़ दिये जाएं जो आतंक का गढ़ हो।

सीओए प्रमुख विनोद राय ने कहा, "हमारी सरकार से बातचीत चल रही है। 16 जून को होने वाले मैच के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है।"

उन्होंने आगे कहा, "हम आईसीसी को दो चिंतायें बताएंगे। हम विश्व कप के दौरान खिलाड़ियों की और अधिक सुरक्षा के बारे में कहेंगे और क्रिकेट खेलने वाले देशों से कहेंगे कि ऐसे देश से रिश्ते तोड़ दें जो आंतक का गढ़ हो।"

ओलंपिक समिति ने भारत में रोके सभी इवेंट्स

अन्य खेलों में पाकिस्तान खिलाड़ियों को वीजा नहीं देने पर भारत को नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारत में हो रहे शूटिंग वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीजा नहीं मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय ओलिपिंक समिति (आईओसी) ने कार्रवाई की है। समिति ने सरकार की तरफ से लिखित आश्वासन नहीं मिलने तक भविष्य में भारत में आयोजित होने वाले ओलिपिंक से जुड़े सभी आयोजनों पर रोक लगा दी है।

वर्ष 2003 के विश्व कप में भी ऐसा ही एक वाकया हुआ था, जब दक्षिण अफ्रीका ने केन्या के खिलाफ न खेलने का फैसला किया था। इसकी उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी। वॉकओवर लेते हुए केन्या इस विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंची थी जबकि दक्षिण अफ्रीका बाहर हो गया था।

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