राज्यसभा सांसद के गोद लिए गांव में दो साल में नहीं बन पाईं नालियां

राज्यसभा सांसद के गोद लिए गांव में दो साल में नहीं बन पाईं नालियांराज्यसभा सांसद के गोद लिए गाँव में नहीं बनीं नालियां

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद कैप्टन सतीश शर्मा ने सांसद आदर्श योजना के तहत सरेनी गांव को लिया था गोद

मोबीन अहमद- कम्युनिटी रिपोर्टर

रायबरेली। राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस नेता कैप्टन सतीश शर्मा के गोद लिए गाँव सरेनी में विकास के नाम पर ग्रामीणों को झूठे आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। प्रधानमंत्री सांसद आदर्श योजना के अंतर्गत गोद लिए गए इस गाँव में विकास तो दूर खुद नेता जी ने गाँव के चयन के बाद यहां दोबारा आना सही नहीं समझा है।

जबसे गाँव का चयन हुआ है, जब से यहां पर नालियां तक पक्की नहीं हो पाई हैं। विकास कार्य की कौन कहे, गाँव में आज तक सहीं से एक नया नल भी नहीं लग सका है।
सज्जन सिंह (45 वर्ष), सरेनी गाँव के निवासी

सरेनी गाँव को गोद लेने के समय कैप्टन सतीश शर्मा ने ग्रामीणों से गाँव का एक साल के अंदर कायाकल्प करने की बात कही थी। पर दो साल बीत जाने के बाद भी गाँव में प्राथमिक विद्यालय, सड़क, स्वास्थ केंद्र व आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं है।

ग्रमीणों के अनुसार सांसद सोनिया गांधी हाल ही में अपने दौरे पर सरेनी गाँव आई थी और जनता को गाँव में रुके विकास को फिर से पटरी पर लाने का वादा भी की थी पर आज तक गाँव की हालत नहीं सुधरी है। हां एक चीज़ ज़रूर सुधरी है वो यह कि पहले की तुलना में गाँव में बिजली ज़्यादा रहती है।

सरेनी गाँव की रहने वाली राजरती देवी बताती हैं कि गाँव के नलों में हमेशा पीला पानी ही आता है। इसे पीकर कई बार गाँव के कुछ लोग बीमार भी पड़ चुके हैं पर इन सब चीज़ों को देखने कोई भी अधिकारी गाँव नहीं आया है, क्या किया जा सकता है हम खराब पानी पीने को मजबूर हैं। गांव के लोगों का कहना है, ये सिर्फ कागज पर आदर्श गांव हैं।

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