बच्चों के खेल मैदान को खनन माफियाओं ने बना डाला तालाब

बच्चों के खेल मैदान को खनन माफियाओं ने बना डाला तालाबप्रतीकात्मक फोटो

कम्यूनिटी जनर्लिस्ट: अभिषेक यादव

उम्र- 15 साल, स्कूल- माया देवी इंटर कॉलेज, शिवाजीनगर-कन्नौज

स्वयं डेस्क प्रोजेक्ट

कन्नौज। जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर बसे भुरजानी गांव में अवैध खनन के चलते मैदान ने तालाब का रूप ले लिया है। एक ओर तो जहां बच्चों के खेलने के लिए मैदान नहीं बचा है तो दूसरी ओर गड्ढों की वजह से कभी भी अनहोनी हो सकती है।

अब खेलने कहां जाएं बच्चे

भुरजानी गांव निवासी 65 वर्षीय रामकृष्ण का कहना है कि अनौगी जिला जेल के निकट एक बहुत बड़ा मैदान है, जहां गांव के बच्चे खेलते थे। माफियाओं ने यहां की मिट्टी का खनन कर डाला। इससे मैदान ने तालाब और बड़े-बड़े गड्ढों का रूप ले लिया। अब बच्चों और युवाओं के सामने क्रिकेट, फुटबाल, बैडमिंटन आदि खेलों का आयोजन करने का संकट हो गया है।

खनन को रोकने वाला कोई नहीं

72 वर्षीय ऊधन सिंह का कहना है कि तालाब रूपी जगह में नौनिहालों के साथ अनहोनी की भी संभावना प्रबल हो गई है। उन्होंने बताया कि वैसे भी खेलों के लिए प्रतिभाएं निखारने के लिए लोग आगे नहीं आते हैं। साथ ही मैदानों का भी अभाव है। जहां मैदान हैं भी या किसी तरह से गांव के बच्चे खेलते हैं, वहां मैदान ही खत्म हो रहे हैं। खनन को रोकने वाला भी कोई नहीं है।

आरोपियों के हौसले बुलंद

उन्होंने बताया कि पास में ही जिला जेल भी है। यहां आए दिन अफसर आते रहते हैं। पुलिस भी है, लेकिन फिर भी खनन हो गया। 10 फीट गहरे गड्ढे हो चुके हैं। मैदान का एक हिस्सा ही कुछ बचा है, बाकी खेलने लायक नहीं है। गांव वालों का कहना है कि इस बाबत पूर्व में पुलिस और अफसरों से तीन-चार बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हो चुके हैं।

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