बोर्ड परीक्षा केंद्रों और परिणामों पर टिकीं निगाहें

बोर्ड परीक्षा केंद्रों और परिणामों पर  टिकीं निगाहेंप्रतीकात्मक फोटो (साभार: गूगल)

स्वयं डेस्क

कन्नौज। उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा परिषद यानि इलाहाबाद बोर्ड की परीक्षाओं पर इस बार लोगों की नजरें लगी हैं। नए नोटों के चलन और कालेधन के बोलबाले से इस बार नकल माफियाओं के हौसले पस्त हो सकते हैं।

फंस सकते हैं अधिकारी और कर्मचारी भी

जिले में होने वाली इलाहाबाद बोर्ड परीक्षाओं पर नकल माफिया का साया रहता है। मनचाहे केंद्र बनवाने में वे कामयाब होते हैं। इसके लिए उनको भले ही जिले से लेकर लखनऊ तक की दौड़ लगानी पड़े। मगर इस बार 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट चलने से बंद होने के कारण इस बार माफिया कामयाब होते नहीं दिख रहे। जानकारों का कहना है कि अच्छी खासी संख्या में अभी तो नए नोट मिल नहीं रहे। मिलेंगे तो लोग बैंक खातों आदि में जमा करेंगे। इससे आयकर विभाग को भी जानकारी हो जाएगी और वह नोटिस के हकदार हो सकते हैं। अधिकारी व कर्मचारी भी फंस सकते हैं। इसलिए फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं।

जारी कर दी गई है अनंतिम परीक्षा केंद्रों की सूची

स्कूल और कॉलेजों में भी नकल करने वाले परीक्षार्थियों से वसूली की जाती है। सवाल यह है कि नगदी की कमी और लेन-देन के गंभीर लेखा-जोखा होने की वजह से स्थिति संशय वाली है। परीक्षार्थियों से लेकर ऊपर तक होने वाली वसूली की वजह से परीक्षा परिणाम 90 फीसदी के करीब रहता है। इस बार की परीक्षाओं पर नजर है कि परिणाम कितना रहेगा। दूसरी ओर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से अनंतिम परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी गई है।

चुनावी वर्ष में कम नहीं होंगे केंद्र

फरवरी 2017 में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। चुनावी वर्ष होने की वजह से जनप्रतिनिधि कॉलेज संचालकों को नाराज नहीं करना चाहेंगे। इसलिए परीक्षा केंद्रों के घटने की संभावना बहुत कम है। फिलहाल 144 केंद्रों की अन्तिम सूची जारी की गई है।

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