गाँव वालों तक पुलिस की नई सेवाओं की जानकारी पहुंचाने को गाँव कनेक्शन स्वयं फेस्टिवल और यूपी पुलिस ने मिलाया हाथ

गाँव वालों तक पुलिस की नई सेवाओं की जानकारी पहुंचाने को गाँव कनेक्शन स्वयं फेस्टिवल और यूपी पुलिस ने मिलाया हाथप्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अपने विचार रखते गाँव कनेक्शन के संस्थापक नीलेश मिसरा ।

लखनऊ। लड़कियों की सुरक्षा के लिए यूपी पुलिस द्वारा चलाई जा रही वुमेन पावर लाइन 1090, यूपी-100, ऑनलाइन एफआईआर और साइबर क्राइम के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई जैसी तमाम जानकारियां उत्तर पद्रेश के ग्रामीण इलाकों तक नहीं पहुंच पातीं। इस समस्या को हल करने के लिए भारत के सबसे बड़े ग्रामीण अख़बार गाँव कनेक्शन और यूपी पुलिस ने हाथ मिलाया है।

गाँव कनेक्शन दो दिसम्बर से शुरू हो रहे अपने स्थापना सप्ताह के दौरान देश के सबसे बड़े ग्रामीण उत्सव 'स्वयं फेस्टिवल' का आयोजन करने जा रहा है। इस पूरे सप्ताह के दौरान यूपी पुलिस, राज्य के कई दूर-दराज़ के ज़िलों में स्वयं फेस्टिवल की टीम के साथ जाकर ग्रामीणों को उनके लिए मौजूद तमाम पुलिसिया सुविधाओं की जानकारी देगी।

इसी सिलसिले में 21 व 22 नवंबर 2016 को गाँव कनेक्शन और यूपी पुलिस ने साझा तौर पर राजधानी लखनऊ में करीब 25 ज़िलों के पुलिस कर्मियों और 'स्वयं वॉलंटियर्स' के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया।

इस कार्यशाला के दौरान यूपी पुलिस के आला अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्हें समझाया कि कैसे गाँव के लोगों से आसान भाषा में संवाद ज़रूरी है, ताकि उनका डर खत्म हो।

कार्यक्रम में अपने विचार साझा करतीं वुमेन पावर लाइन-1090 की डीएसपी बबिता सिंह।

यूपी पुलिस में एडिशनल एसपी राहुल श्रीवास्तव ने कहा, "पुलिस से लोग डरते हैं, इस छवि को बदलने की ज़रूरत है"। "गाँव वालों को यूपी पुलिस की हर सुविधा की जानकारी पहुंचाने के साथ उनसे संवाद स्थापित करना भी हमारा मकसद होगा" राहुल ने आगे कहा।

"पुलिस के कमियों के खिलाफ लिखना हमारा अधिकार है, लेकिन गाँव कनेक्शन का ये भी दायित्व है कि कैसे ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा जानकारी और ज़रूरत पड़ने पर पुलिस की मदद मिल पाए" गाँव कनेक्शन के संस्थापक नीलेश मिसरा ने आगे कहा, "स्वयं फेस्टिवल के दौरान यूपी पुलिस से साझेदारी करने का उद्देश्य यही है कि पुलिस की तमाम सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी गाँव वालों को मिल पाए"।

कार्यशाला में वुमेन पावर लाइन-1090 की डीएसपी बबिता सिंह ने पुलिस कार्मियों को न सिर्फ इस सुविधा की खूबियों से अवगत कराया, बल्कि यह भी समझाया कि अन्य कार्रवाईयों और 1090 के ज़रिये होने वाल कार्रवाईयों में अंतर क्या है।

बबिता ने कहा, "1090 पावरलाइन की काउंसिलिंग से ही अधिकतर मामलों में समाधान होते देखा गया है पर लड़कियों को बढ़कर अपनी बात खुद कहनी होगी।"

सात दिनों तक चलने वाले स्वयं फेस्टिवल में यूपी पुलिस मानव तस्करी और साइबर क्राइम जैसे मुद्दों पर कार्रवाई की प्रक्रिया के बारे में भी ग्रामीणों को जागरूक करेगी।

इसके लिए ग्रामीणों को यूपी पुलिस की महिला सम्मान प्रकोष्ठ शाखा के तहत संचालित बाल हेल्पलाइन 1098, एंटी ह्यूमन टाफिकिंग यूनिट जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी।

इसी के साथ ही गाँवों में लोग एक नए अपराध का शिकार बन रहे हैं, जो कि है साइबर अपराध। कैसे फोन व इंटरनेट के माध्यम से ग्रामीणों को फंसाया जा रहा है और इससे सावधान रहने के लिए क्या उपाए किये जाएं, इस मसले पर यूपी पुलिस के एडिशनल एसपी, एसटीएफ डॉ त्रिवेणी सिंह ने पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया।

दो दिन तक चली इस प्रशिक्षण कार्यशाला में फैजाबाद, लखनऊ, सीतापुर, गोंडा, बांदा, ललितपुर, सिद्धार्थनगर, पीलीभीत, हरदोई, लखीमपुरखीरी, चित्रकूट, कन्नौज, कानपुर, कानपुर देहात, बहराइच, रायबरेली, बाराबंकी, उन्नाव, सोनभद्र, मथुरा, औरैया, सुल्तानपुर, मेरठ, शाहजहांपुर और गोरखपुर ज़िले के पुलिस कर्मियों ने भाग लिया।

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