देवां मेले में आकर्षण का केंद्र बना 20 लाख का घोड़ा

देवां मेले में आकर्षण का केंद्र बना 20 लाख का घोड़ादेवां मेले में घोड़े अनमोल पर सवारी करता युवक। फोटो अरुण

अरुण मिश्रा- कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

देवां (बाराबंकी)। प्रसिद्ध सूफी संत हाजी वारिस के पिता की याद में लगने वाले मेले में जायरीनों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। वहीं देवां मेले का घोड़ा बाजार एक से बढ़कर एक नस्ल के घोड़ों से गुलजार हो रहा है। घोड़ा बाजार में घोड़ों के शौक़ीन घोड़ों की रेस देखना नहीं भूलते है। इस वक्त घोड़ा बाजार में घोड़े खरीदने और देखने वालों की काफी भीड़ देखने को मिलती है। बाजार में घोड़े के शौक़ीन व्यापारियों के आने का सिलसिला जारी है। वहीं 20 लाख की कीमत का सिंधी नस्ल का 'अनमोल' घोड़ा बाजार में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

अनमोल प्रदेश की कई घुड़दौड़ों का विजेता है। सिंधी नस्ल के इस घोड़े की रफ़्तार काफी तेज़ है। यह अपनी चुस्ती और कद काठी में अन्य घोड़ों से अलग है। इसीलिए इसका नाम अनमोल रखा है।इसकी काफी ऊंची कीमत लग चुकी है। लेकिन अभी तक इसे बेचा नहीं है।
ख्वाजा मोहम्मद गौस खां, मोहम्मदनगर (मलिहाबाद) के पूर्व ज़मीदार

गौस खां के कैम्प में अन्य नस्लों के कई बेहतरीन घोड़े बाजार में आकर्षण बने हैं। बहराइच के अगम सिंह भी कई घोड़ों के साथ मेले में कैम्प लगाये हैं। अगम बताते हैं, "उनका सबसे बेहतरीन घोड़ा पंजाबी नस्ल का है जिसकी कीमत दो लाख रुपये है। घोड़ा बाजार में कई अन्य व्यापारी भी अपने घोड़ों के साथ खरीद-फरोख्त के लिए आये हैं। मेले में एक से बढ़कर एक नस्ल के घोड़ों के आने का क्रम जारी है। वहीं घोड़ों की बिक्री भी तेज हो गयी है।"

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