किसानों को सीखा रहे उन्नतशील खेती के गुर

किसानों को सीखा रहे उन्नतशील खेती के गुरशाहजहांपुर के अकर्रा रसूलपुर गाँव के किसान लज्जाराम वर्मा ने 50 से ज्यादा किसानों काे खेती किसानी के सिखाए गुर।

कम्युनिटी जर्नलिस्ट: ऋषभ मिश्रा

अकर्रा रसूलपुर (शाहजहांपुर)। नौकरी के साथ बहुत कम ही लोग हैं, जो किसानी भी बेहतर ढंग से करते हैं। इनमें एक हैं अकर्रा रसूलपुर गाँव के किसान लज्जाराम वर्मा। लज्जाराम वर्मा न केवल नौकरी करते हैं, बल्कि खेती में भी नाम कमा रहे हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र ने की मदद

शाहजहांपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी. दूर अकर्रा रसूलपुर गाँव के रहने वाले लज्जाराम वर्मा वैसे तो नेहरू युवा मंडल के जिला कोषाध्यक्ष हैं, साथ ही किसानों का समूह बनाकर तिलहन की खेती भी कर रहे हैं। लज्जा राम वर्मा बताते हैं, "हम लोग शुरू से ही खेती किसानी से जुड़े हुए हैं, लेकिन कृषि विज्ञान केंद्र के सदस्य डॉ केएम सिंह के मार्गदर्शन से तिलहन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत हमें बीज प्रदान किया गया था, जो कि तिलहन खेती किसानों के लिए अधिक उपजाऊ सिद्ध हुई।"

दूसरे किसान भी कम लागत में कर रहे अधिक पैदावार

पिछले वर्ष रबी में उन्होंने इस बीज के माध्यम से एक एकड़ खेत में लगभग सात क्विंटल सरसो की पैदावार की है। सरसो की दोगुनी पैदावार को देखकर दूसरे किसान भी लज्जा राम से उनकी सलाह लेकर खुद भी तिलहन और अन्य फसलों में उन्नतशील खेती कर कम लागत में अधिक पैदावार कर रहे हैं।

25 और किसान जुड़ गए

लज्जाराम वर्मा के साथ उनके क्षेत्र के 25 और भी किसान जुड़ गए हैं और 50 एकड़ खेत में सरसो की खेती कर रहे हैं। उनके गाँव के रमेश वर्मा बताते हैं, "लज्जा राम की मदद से हम भी उन्नत खेती करने लगे हैं। इस बार मैंने अकेले पांच बीघा खेत में सरसो बुवाई की है, जिसकी अच्छी फ़सल भी आयी है। पैदावार भी अच्छी होने की उम्मीद है।"

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top