#स्वयंफेस्टिवल : फैजाबाद में महिलाओं की हमराही बनी यूपी पुलिस

#स्वयंफेस्टिवल : फैजाबाद में महिलाओं की हमराही बनी यूपी पुलिसफैजाबाद के अहियार रूदौली में महिलाओं को जागरूक करतीं यूपी पुलिस के प्रतिनिधि।

स्वयं डेस्क

स्वयं फेस्टविल-दूसरा दिन। जगह-फैजाबाद में अहियार रूदौली

यहां बड़ी संख्या में महिलाएं यूपी पुलिस कैसे बदल रही है, इसके बारे में जानने के लिए इकट्ठा हुई हैं। गाँव कनेक्शन फाउंडेशन ने अपनी चौथी वर्षगांठ पर एक मुहिम छेड़ी है वह यह कि यूपी के 25 जिलों में गाँव-कस्बे की महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए।

कार्यक्रम की शुरुआत एसओ प्रियंका पांडे करती हैं, वह बताती हैं कि कैसे महिलाएं आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले लड़कियां कुछ भी नया करें, लोग ऐतराज करने लगते थे। जमाना क्या सिर्फ पुरुषों के लिए बदला है। महिलाओं पर रोक-टोक क्यों? इसलिए आप भी बदलिए। उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाइए।

इसके बाद डा अनामिका ने महिलाओं से संवाद किया। उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। वक्ताओं ने बताया कि आखिर यूपी पुलिस कैसे बदल रही है। 1090 वुमेन पावर लाइन कैसे उनके लिए महत्वपूर्ण है। इस सत्र के आयोजन में ग्रीन वर्ड फाउंडेशन की भारती सिंह ने सहयोग किया।

महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई।

कैसे पड़ी 1090 की नीव

यूपी में छेड़खानी की बढ़ती घटनाओं पर रोकथाम के लिए अखिलेश सरकार ने 1090 की नींव रखी थी। महिलाओं ने इसका स्वागत किया। विभाग ने पावर एंजिल बनाए जो समय-समय पर लोगों को इसके बारे में जागरूक करते हैं। शिकायत के दौरान पहचान गुप्त रखी जाती है। जब यह सेवा शुरू हुई तो लोगों को लगा ऐसे ही चलता रहेगा पर इसकी शुरुआत के बाद छेड़खानी और महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं पर नियंत्रण लगा।

कैसे करें संपर्क

वुमेन पावर लाइन पर मोबाइल या टेलीफोन किसी से भी संपर्क किया जा सकता है। शिकायत के बाद त्वरित हल निकाला जाता है। यह सेवा 2012 में शुरू हुई। तीन साल में इसमें करीब साढ़े चाल लाख शिकायतें आईं। इनमें ज्यादातर का निपटारा कर दिया गया।

1090 का मोबाइल ऐप

1090 सेवा हाईटेक सुविधाओं से लैस है। इसका मोबाइल ऐप भी है। चाहे अश्लील एसएमएस हो या एमएमएस और फेक काल की शिकायत, तुरंत उस मोबाइल फोन या कम्प्यूटर के लोकेशन, नाम आदि की जानकारी हो जाती है जहां से शरारत की गई हो। इसके अलावा सोशल साइट से की गई छेड़खानी भी 1090 में शिकायत के बाद पकड़ ली जाती है। ईमेल से हुई छेड़खानी की घटनाओं पर भी इस सेवा से नियंत्रण लगा है।

क्या है विशेषता ?

वूमेन पावर लाइन की विशेषता है कि इसमें शिकायत करने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है। पीड़ित पक्ष के फोन को महिला पुलिसकर्मी ही अटेण्ड करती है। शिकायत करने वाली महिला को किसी भी स्थिति में पुलिस थाने अथवा कार्यालय नहीं बुलाया जाता है, बल्कि हेल्पलाइन की पुलिसकर्मी स्वयं अपने स्तर से शिकायत करने वाली महिला या उसके परिवार के सम्पर्क में रहती है। पीड़ित अथवा पीड़ित पक्ष संतुष्ट महसूस करने तक हेल्पलाइन उसके सम्पर्क में रहती है।

कैसे होता है शिकायत का निपटारा?

1090 में महिला और पुरुष बल दोनों हैं। जब शिकायत दर्ज होती है तो महिला आपरेटर उसे अटेंड करती है और शिकायतकर्ता की गोपनीयता बनाए रखने के लिए विवेचना में उतनी ही जानकारी बताती है जो जरूरी हैं। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि महिलाएं छेड़खानी या अन्य किसी उत्पीड़न की शिकायत करने से डरती थीं कि उनकी बदनामी होगी। और चुपचाप अत्याचार सहती थीं। लेकिन 1090 शिकायतकर्ता की पहचान जाहिर नहीं होने देता।

कैसे काम करता है 1090?

छेड़खानी या अन्य किसी घटना की शिकायत पर काउंसिलिंग की व्यवस्था की गई है। पहले जिसने छेड़खानी या उत्पीड़न किया हो उसे समझाया जाता है नहीं माना तो फिर उसके घरवालों को इस बारे में बताया जाता है। इसके बाद ही कानूनी कार्रवाई की जाती है।

महिला सम्मान प्रकोष्ठ क्या है

उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं, नाबालिग बच्चियों व मासूमों के साथ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने और उनके आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवाने के लिए पुलिस महकमे में महिला सेल को और ताकतवर बनाते हुए महिला सम्मान प्रकोष्ठ का गठन किया है। इस सेल को सुरक्षा के साथ महिलाओं से जुड़े अन्य मामलों जैसे भ्रूण हत्या, देहातों में शौचालयों की कमी जैसे सामाजिक मुद्दों पर कार्रवाई में भी मदद करनी थी।

ईएफआईआर कैसे करें

महिलाए अब ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकतीं हैं। महिलाओं के विरुद्ध घटित अपराधों में पुलिस को और अधिक संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनाने के लिए जनसामान्य को इन अपराधों की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उत्तर प्रदेश में पहली बार उपलब्ध कराई गई है।

‘टि्वटर सेवा’ से जुड़ी पुलिस

अब राज्य के 75 जिलों समेत कुल 122 टि्वटर हैंडल सक्रिय रूप से जनता की सेवा के लिए मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस टि्वटर के माध्यम से जनशिकायतों का निस्तारण करती है। पुलिस ‘टि्वटर सेवा’ राज्य के 75 जिलों समेत कुल 122 टि्वटर हैंडल सक्रिय रूप से जनता की सेवा के लिए मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश भारत वर्ष में पहला ऐसा राज्य होगा जिसमें टि्वटर सेवा का उपयोग पूरे राज्य के समस्त जिलों में पुलिस विभाग करता है। इसके पूर्व भारत वर्ष में बंगलौर सिटी पुलिस द्वारा एक सीमित क्षेत्र में टि्वटर सेवा लॉच की गई है। यह महत्वपूर्ण सेवा देश के चुनिन्दा मंत्रालयों जैसे विदेश, रेलवे, वाणिज्य, पासपोर्ट मंत्रालयों में लागू की गई है।

‘टि्वटर सेवा’ जनशिकायतों को व्यवस्थित ढंग से निस्तारित करने के लिए ट्विटर पर आधारित सीआरएम (कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेन्ट) प्लेटफार्म है। इस साफ्टवेयर के माध्यम से शिकायतों को सम्बन्धित जिलों में प्रेषित किया जाएगा। प्रत्येक शिकायत का एक कोड जनरेट होगा जिसके आधार पर उनको ट्रैक किया जाएगा। कम्प्यूटर के एक कमांड से सेकेण्डों में पता लगाया जा सकेगा की किस जिले द्वारा इस मुख्यालय से प्रेषित की गई, कितनी शिकायतों का कितने समय में निस्तारण किया गया।

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