नन्हे-मुन्नों ने दिखाया हुनर, समाज को किया जागरूक

नन्हे-मुन्नों ने दिखाया हुनर, समाज को किया जागरूकसेंट एंथोनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में अपनी परफॉरमेंस देते नन्हे-मुन्ने।

स्वयं डेस्क

बाराबंकी। यह मौका कुछ खास था। नन्हे-मुन्नों के मंच पर थिरकते कदम जहां देखने वालों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर रहे थे, वहीं यही बच्चे देश की समस्याओं के प्रति समाज को जागरूक भी कर रहे थे। यह नजारा दिखा शिक्षा और अनुशासन में अपनी अलग पहचान बनाने वाले जिला मुख्यालय स्थित सेंट एन्थोनी सीनियर सेकेंड्री स्कूल में, जहां वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों ने अपने हुनर से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में समाज को जागरूक करने के लिए स्कूल द्वारा चलाये जा रहे 'जागरूकता अभियान' के दौरान स्कूल प्रबंधक के साथ-साथ नर्सरी से लेकर इंटरमीडिएड तक के छात्रों ने अपना हुनर दिखाया।

नर्सरी के बच्चों ने बताया हरियाली का महत्व

कार्यक्रम में सबसे पहले लोगों को हरियाली का महत्व बताते हुए नृत्य के माध्यम से नर्सरी के बच्चों ने सबका मन ही मोह लिया। वही केजी के छात्रों ने भी अपने नृत्य और अभिनय के जरिए पानी का महत्व बताते हुए अपने कार्यक्रम में 'पानी बचाओ' को लेकर भी लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में इसके बाद परफॉरमेंस दी कक्षा एक और दो के छात्र और छात्राओं की। इन बच्चों ने हमारे आसपास हो रहे जानवरों पर अत्याचार को लेकर भी लोगों को जागरूक किया। वहीं, अपने देश की सुरक्षा में अपनी जान की कुर्बानी देने वाले हमारे देश के वीर जवानों की 'शहादत' को याद कराते हुए कक्षा तीन और चार के बच्चों ने अपने प्रदर्शन से श्रंद्धाजलि अर्पित की।

बच्चों से मजदूरी पर भी किया कुठाराघात

इस बीच कार्यक्रम के दौरान कक्षा पांच और छः में पढ़ने वाले स्कूली छात्रों ने शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया और लोगों को साक्षर होने की भी प्रेरणा दी। जिले के मुख्य विकास अधिकारी ऋषिरेन्द्र की उपस्थिति में कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने बाल मजदूरी पर भी कुठाराघात प्रहार किया और उन्होंने गरीब बच्चों से मजदूरी करवाने वालों को भी नसीहत दी है। कार्यक्रम के मंच से नौंवी और दसवीं के छात्रों ने वहां बैठे लोगों को जागरूक करते हुए लड़कियों को भी सामान अधिकार से जीवन जीने की कला को अपने नाट्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। अंग्रेजी नाटक के माध्यम से स्कूल के नौंवी से लेकर बारहवीं तक के छात्रों द्वारा सेंट मदर टेरेसा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा लोगों को दिए गए सन्देश को लोगों तक पहुचाया गया।

सर्वाधिक अंक लाने वाले छात्रों को मिला पुरस्कार

इतना ही नहीं, हिंदी नाटिका द्वारा बेटी 'बचाओ और बेटी पढ़ाओ' पर विशेष तौर पर बल देते हुए 'दहेज़ उन्मूलन' के लिए दर्शकों में अपने अभिनय के द्वारा जागरूकता पैदा की गयी। नृत्य प्रदर्शन के जरिये कार्यक्रम में कक्षा ग्यारह और बारह के छात्रों द्वारा लड़कियों के साथ हो रहे दुराचार की घटनाओं को लेकर भी आज के उन नवयुवकों को भी जागरूक करने की कोशिश की है, जिन लोगों की मानसिकता महिलाओं और लड़कियों सही नहीं है। कार्यक्रम के दौरान फादर तदयुस बारा, विन्सेंट नाजरेथ, वेल्फ्रेंड मारस, डेनिस डिसूजा और फादर रोनाल्ड डिसूजा मौजूद रहे। अंत में जिलाधिकारी अजय यादव और मुख्य विकास अधिकारी ऋषिरेन्द्र द्वारा इंटरमीडिएट में सर्वाधिक अंक लाने वाले छात्रों को पुरुस्कृत किया गया। स्कूल के प्रिंसिपल जेराल्ड डिसूजा ने कार्यक्रम में अपना अमूल समय देने के लिए आये सभी फादर्स व अतिथियों का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के सभी अध्यापक और अध्यापिकाओं की मेहनत और लगन है।

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