आम बजट: फसल बीमा का दायरा बढ़ा, किसानों का जोख़िम कम करने की कोशिश

आम बजट: फसल बीमा का दायरा बढ़ा, किसानों का जोख़िम कम करने की कोशिशफसल बीमा योजना के लिए आवंटन बढ़ाकर 13,240 करोड़ रुपए किया गया।

लखनऊ। प्राकृतिक आपदाओं से कई बार किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है, किसानों की समस्या को समझते हुए वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत की थी।

वित्तमंत्री ने बजट सत्र में योजना का बजट बढ़ा दिया है, इससे अब किसानों को ज्यादा लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री ने बजट सत्र में कहा कि पिछले साल शुरू की गई नई फसल बीमा योजना ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के लिए चालू वित्त वर्ष में आवंटन बढ़ाकर 13,240 करोड़ रुपए किया गया है जो बजट प्रस्ताव में पहले 5,500 करोड़ रुपए था। प्रदेश के सभी जिलों में इसे लागू किया गया है, इस योजना में किसान के खाते में सीधे पैसा भेजा जाता है। इसके तहत किसानों की फसल बर्बाद होने पर उन्हें मुआवजा दिया जाता है।

कृषि वैज्ञानिक डॉ. पुरुषोत्तम कहते हैं, ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए लाभकारी योजना है, लेकिन इसके बारे में किसानों को सही जानकारी ही नहीं है, बजट तो बढ़ा दिया गया है, लेकिन किसानों को कैसे जानकारी हो ये भी तो बताना चाहिए।’

फसल बीमा योजना के तहत किसानों की फसल के नुकसान की प्रक्रिया को अब काफी आसान बना दिया गया है। बजट बढ़ने से ज्यादा किसानों को लाभ मिलेगा।
ओमवीर सिंह, संयुक्त कृषि निदेशक, लखनऊ मंडल

इस योजना के तहत किसानों की फसल में होने वाले नुकसान को चार मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में मौसम की वजह से बुआई नहीं हो पाने, दूसरी श्रेणी में फसलों की कटाई से पहले प्राकृतिक आपदा से खराब होने वाली फसल। तीसरी श्रेणी में ओलावृष्टि, भूस्खलन, बाढ़ जबकि चौथी श्रेणी खलिहान में रखी फसलों को होने वाले नुकसान के तहत मुआवजा दिया जाता है। इस योजना का लाभ खरीफ की फसलों जैसे, धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, मूंगफली, उड़द, मूंग, तिल, अरहर, सोयाबीन जबकि रबी में गेहूं, चना, मटर, मसूर, लाही-सरसों और आलू की फसलों के नुकसान होने पर मिलता है।

इस बारे में संयुक्त कृषि निदेशक, लखनऊ मंडल, डॉ. ओमवीर सिंह कहते हैं, ‘फसल बीमा योजना के तहत किसानों की फसल के नुकसान की प्रक्रिया को अब काफी आसान बना दिया गया है। बजट बढ़ने से ज्यादा किसानों को लाभ मिलेगा।’ उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का दायरा आने वाले वित्तीय वर्षों में और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। इससे किसानों को अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।’

योजना का लाभ बटाईदार और किराए पर खेती करने वालों को भी मिलता है, जिन्होंने बैंकों से ऋण लेकर बुवाई की है उनका बीमा संबंधित बैंकों के जरिए होगा। सूखे या अन्य कारण से प्रतिकूल मौसम के चलते बुवाई न होने पर किसानों के नुकसान का आकलन अब ग्राम पंचायत स्तर पर होगा।

खेत में रखी फसल के नुकसान होने पर भी मिलता है मुआवजा

कटाई के बाद खलिहान में रखी फसलों को यदि 14 दिन में किसी कारण नुकसान होता है तो भी इस योजना का लाभ उसे मिलता है। किसानों को 48 घंटे के अंदर सीधे बीमा कंपनी अथवा संबंधित बैंक को टोल फ्री नंबर पर इसकी सूचना देनी होती है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे के प्रदेश के कई जिलों के किसानों की राय भी ली गयी। फैजाबाद जिले के सोहावल ब्लॉक के मंगलसी गाँव के किसान राजेन्द्र वर्मा (46 वर्ष) कहते हैं, ‘फसल बीमा योजना किसानों के अच्छी योजना है, इससे किसानों को लाभ भी मिल रहा है। अब इससे किसानों को और भी लाभ भी मिलेगा।’

केन्द्र सरकार की ये योजना किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, इससे किसानों को ज्यादा लाभ मिलेगा। लेकिन इसके लिए सही नियम बनाने होंगे, किसानों को सही जानकारी देनी चाहिए।’
केपी सिंह, किसान, बिठौरा गाँव, (मछरेहटा ब्लॉक- सीतापुर)

वहीं मथुरा जिले के बल्ले ब्लॉक के पटलोनी गाँव के किसान रवीन्द्र सिंह (45 वर्ष) बीमा योजना से खुश नहीं हैं, वो कहते हैं, ‘अभी पिछले महीने ही मेरी आलू की फसल में पाला लग गया था, नुकसान भी हो गया। बस बैंक और बीमा कंपनी का चक्कर ही लगता रह गया। बीमा योजना को किसानों तक पहुंचाने के लिए किसानों को पूरी जानकारी देनी होगी।’

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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