अमर सिंह ने अखिलेश यादव के आरोपों पर चुप्पी साधी

अमर सिंह ने अखिलेश यादव के आरोपों पर चुप्पी साधीअमर सिंह। फाइल फोटो

कोलकाता (भाषा)। समाजवादी पार्टी में कलह के एक दूसरे पर कीचड़ उछालने का रूप ले लेने के बीच वरिष्ठ पार्टी नेता अमर सिंह ने सोमवार को कहा कि कभी मौन ही सभी सवालों और उन पर लगाए गए आरोपों का सर्वश्रेष्ठ रणनीतिक जवाब होता है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को शुभकामनाएं देते हुए कभी सपा सुप्रीमो के दाहिने हाथ रहे सिंह ने कहा, ‘‘मैं इस मामले पर टिप्पणी नहीं करुंगा। मेरे लिए, कभी-कभी मौन ही रहना सभी प्रश्नों एवं मुझ पर लगाए गए आरोपों का श्रेष्ठ रणनीतिक उत्तर होता है।'' अखिलेश द्वारा उन पर उंगली उठाने के बारे पूछे जाने पर सिंह ने कहा, ‘‘मैं अखिलेश यादव को शुभकामनाएं देता हूं। मैंने उन्हें उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। वह मेरे सर्वोच्च नेता के बेटे हैं, उनके साथ मेरी शुभकामनाएं हैं। '' बाद में एक अन्य समारोह में उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पक्ष में खड़ा होने के लिए मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव को मैंने धन्यवाद दिया।''

प्रियंका ने कांग्रेस नेताओं के साथ रणनीति बनाई

एक कार्यक्रम में राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा। (फाइल फोटो)

नई दिल्ली (भाषा)। सपा में मचे घमासान के बीच प्रियंका गांधी ने पहली बार सोमवार को राज्य के कांग्रेस नेताओं के रणनीति सत्र में हिस्सा लिया। राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद द्वारा बुलायी गयी यह बैठक एक घंटे तक चली जहां प्रियंका गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर, कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित और प्रचार प्रमुख संजय सिंह समेत प्रदेश नेताओं से बातचीत की।

पार्टी प्रवक्ता आर पी एन सिंह ने बताया कि यह पहली बार हुआ है कि प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के नेताओं की ऐसी बैठक में भाग लिया है। उत्तर प्रदेश में अगले साल के शुरु में चुनाव होने हैं। इस बैठक में कुछ प्रदेश नेताओं ने आरएलडी और पीस पार्टी जैसे छोटे दलों के साथ गठजोड़ करने का सुझाव दिया। कुछ नेताओं ने समर्थन जुटाने के लिए यात्राएं निकालने की बजाए प्रखंड स्तर पर बैठकें करने की वकालत की।

नीतीश रखे हैं करीबी नजर

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू सपा से जुड‍़े घटनाक्रम पर निगाह रखे हुए है और पार्टी का मानना है कि यादव परिवार में विभिन्न शक्तियों के नये सिरे से समीकरण बनने से ‘जनता परिवार' के विलय की योजना फिर सजीव हो सकती है।

जदयू ने इस घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया जो कुछ समय बाद आसन्न चुनाव से पूर्व घटित हो रहा है। जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सपा में जो कुछ हो रहा है, वह पार्टी का आंतरिक मामला है और मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करुंगा।'


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